हैदराबाद: तेलंगाना पुलिस ने शनिवार को शहर में एक चौंकाने वाला खुलासा किया है। अधिकारियों ने बताया कि मेधा स्कूल नामक एक निजी शैक्षणिक संस्थान के भीतर ही ड्रग्स प्रोडक्शन यूनिट चल रही थी। स्कूल के डायरेक्टर मालेला जया प्रकाश गौड़ सहित तीन आरोपियों को पुलिस ने हिरासत में लिया है।
पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपियों ने स्कूल की कक्षाओं और “रेस्ट्रिक्टेड एरिया” को अल्प्राजोलम बनाने की फैक्ट्री में बदल दिया था। अल्प्राजोलम का इस्तेमाल नशीले पदार्थ के तौर पर होता है और ताड़ी बनाने में भी इसका प्रयोग किया जाता है। यह पदार्थ तेलंगाना में प्रतिबंधित है।
अधिकारियों के अनुसार, बिल्डिंग के सेकेंड फ्लोर पर बीते छह महीने से गुपचुप तरीके से फैक्ट्री चल रही थी। वहीं ग्राउंड और फर्स्ट फ्लोर पर सामान्य तरीके से बच्चों की पढ़ाई जारी रहती थी। पुलिस ने बताया कि फैक्ट्री में सप्ताह में छह दिन ड्रग्स बनाई जाती थी और हर रविवार को उसे बाहर सप्लाई कर दिया जाता था।
यह कार्रवाई तेलंगाना पुलिस की एलीट एक्शन ग्रुप फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (EAGLE) ने की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 7 किलो से अधिक अल्प्राजोलम, करीब ₹21 लाख नकद, भारी मात्रा में केमिकल और मैन्युफैक्चरिंग उपकरण जब्त किए।
पुलिस को बिल्डिंग में एक केमेस्ट्री लैब भी मिली, जिसमें बड़े पैमाने पर उत्पादन के लिए 8 रिएक्टर और ड्रायर लगाए गए थे। जांच में सामने आया कि स्कूल डायरेक्टर गौड़ ने ड्रग बनाने की ट्रेनिंग अपने सहयोगी गुरुवरेड्डी से ली थी।
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि तैयार माल किस नेटवर्क तक सप्लाई किया जा रहा था और कितने राज्यों तक इसका कनेक्शन फैला हुआ है।
हैदराबाद: स्कूल की आड़ में चल रही थी ड्रग्स फैक्ट्री, डायरेक्टर सहित 3 गिरफ्तार; लाखों की अल्प्राजोलम जब्त











