खंडवा: मध्यप्रदेश के खंडवा जिले में पुलिस ने एक ऐसे चोर को गिरफ्तार किया है, जिसकी चोरी की वारदात और उसका मकसद दोनों ही चौंकाने वाले हैं। आरोपी केवल पुलिसकर्मियों के घरों को ही निशाना बनाता था।
पूछताछ में उसने बताया कि करीब 15 साल पहले एक पुलिसकर्मी से हुए विवाद के दौरान उसकी पिटाई हुई थी, उसी का बदला लेने के लिए वह पुलिस परिवारों के घरों में चोरी करता था।
पुलिस लाइन में चोरी से मचा हड़कंप
20 जनवरी की रात खंडवा पुलिस लाइन में दो पुलिसकर्मियों के घरों में चोरी की घटना सामने आई थी। घरों से सोने-चांदी के जेवर और नकदी गायब थे। पुलिसकर्मियों के घरों में ही चोरी होने से महकमे में हड़कंप मच गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल जांच शुरू की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधियां नजर आईं, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की।
जांच के बाद पुलिस ने दीपेश नाम के आरोपी को गिरफ्तार किया, जो अलीराजपुर जिले का निवासी है। पूछताछ में उसने बताया कि पुराने विवाद की खुन्नस में उसने पुलिस परिवारों को ही निशाना बनाना शुरू किया। वह अलग-अलग शहरों में जाकर पुलिस लाइन के आसपास फेरीवाले या सब्जी विक्रेता बनकर रेकी करता था। दिन में खाली मकानों की पहचान करता और रात में चोरी की वारदात को अंजाम देता था।
कई जिलों में दर्ज हैं मामले
पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों में चोरी और नकबजनी के करीब 16 मामले दर्ज हैं। वह लगातार अपना ठिकाना बदलता रहता था, जिससे उसकी गिरफ्तारी में काफी समय लगा। उसकी तलाश में पुलिस टीम झाबुआ, अलीराजपुर और धार तक पहुंची थी।
बुरहानपुर में घेराबंदी, भागने में हुआ घायल
सूचना के आधार पर पुलिस ने बुरहानपुर क्षेत्र में घेराबंदी की। पकड़े जाने से बचने के लिए आरोपी छत से कूदकर भागने की कोशिश में घायल हो गया, जिसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसे इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में खंडवा न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।
दो साथी अब भी फरार
खंडवा पुलिस लाइन चोरी मामले में दीपेश के साथ रमेश और भूरलिया नाम के दो अन्य आरोपी भी शामिल बताए जा रहे हैं। पुलिस उनकी तलाश में जुटी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा कर रही है।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी बेहद शातिर तरीके से केवल पुलिसकर्मियों के घरों को निशाना बनाता था, जिससे मामलों का खुलासा करना चुनौतीपूर्ण हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद कई जिलों में लंबित चोरी की घटनाओं के खुलने की उम्मीद जताई जा रही है।














