वॉशिंगटन/काराकास: अमेरिका और वेनेजुएला के बीच जारी तनाव के बीच शनिवार को हालात और गंभीर हो गए। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने सोशल मीडिया पर बड़ा दावा करते हुए कहा है कि वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया एडेला फ्लोरेस अब अमेरिकी सेना की हिरासत में हैं। ट्रम्प के मुताबिक, दोनों को वेनेजुएला से बाहर ले जाया जा चुका है।
ट्रम्प ने अपने पोस्ट में कहा कि वह इस पूरे घटनाक्रम की विस्तृत जानकारी आज रात भारतीय समय के अनुसार रात 8 बजे एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान देंगे। हालांकि, ट्रम्प के इस दावे पर अब तक वेनेजुएला सरकार की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

चार शहरों पर अमेरिकी हमले का दावा
इससे पहले बीती रात करीब 2 बजे अमेरिका द्वारा वेनेजुएला के चार प्रमुख शहरों पर हमले किए जाने की खबर सामने आई थी। अमेरिकी मीडिया संस्था CBS न्यूज के अनुसार, ट्रम्प ने वेनेजुएला के भीतर सैन्य ठिकानों और कई अहम रणनीतिक स्थानों पर हमले के आदेश दिए थे। इन हमलों के बाद राजधानी काराकास समेत कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनी गईं, जिससे पूरे देश में दहशत फैल गई।
मादुरो ने किया पलटवार का ऐलान
अमेरिकी हमलों के तुरंत बाद राष्ट्रपति निकोलस मादुरो ने देश को संबोधित करते हुए कड़ा बयान दिया था। मादुरो ने कहा था कि अमेरिका वेनेजुएला में तख्तापलट की साजिश रच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका की मंशा देश के तेल और खनिज संसाधनों पर कब्जा करने की है।
मादुरो ने पूरे देश में आपातकाल (इमरजेंसी) लागू करने की घोषणा करते हुए कहा था कि वेनेजुएला अमेरिकी आक्रामकता का जवाब देगा। मादुरो का यह बयान जारी होने के लगभग एक घंटे बाद ही ट्रम्प ने उन्हें पकड़ने का दावा कर सनसनी फैला दी।
अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ी हलचल
ट्रम्प के इस दावे के बाद अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल तेज हो गई है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह दावा सही साबित होता है, तो यह लैटिन अमेरिका के इतिहास की सबसे बड़ी सैन्य और राजनीतिक घटनाओं में से एक होगी। फिलहाल पूरी दुनिया की नजरें ट्रम्प की प्रस्तावित प्रेस कॉन्फ्रेंस और वेनेजुएला सरकार की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हुई हैं।













