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अमृतांजन के मासिक धर्म स्वच्छता ब्रांड कॉम्फी ने किया ₹ 100 करोड़ का ब्रांड बना

On: March 5, 2025 3:51 PM
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आगे और निवेश करने और विश्व स्तरीय सैनिटरी नैपकिन विनिर्माण संयंत्र बनाने की योजना

सामुदायिक स्तर पर जुड़ाव, उपभोक्ताओं और वितरण चैनलों के साथ गहरे संपर्क का इस वृद्धि में गहरा योगदान है

रांची: दर्द प्रबंधन के क्षेत्र में अग्रणी, अमृतांजन हेल्थकेयर ने महिला स्वच्छता से जुड़े बेहतर और किफायती उत्पादों की आवश्यकता को देखते हुए हुए 2011 में ‘कॉम्फी’ ब्रांड लॉन्च किया था। आज, कॉम्फी 100 करोड़ रुपये का ब्रांड बन गया है, जो सैनिटरी नैपकिन, टैम्पोन, मासिक धर्म कप और पीरियड पेन रोल-ऑन सहित मासिक धर्म से जुड़े समाधानों की पूरी श्रृंखला के साथ लाखों महिलाओं को सशक्त बना रहा है, वह भी बेहद किफायती कीमत पर।

भारत में मासिक धर्म का अनुभव करने वाली महिलाओं की संख्या 35.5 करोड़ है और फिलहाल उनमें से केवल 36% महिलाएं ही सैनिटरी नैपकिन का उपयोग कर पाती हैं। मुख्य तौर पर ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाएं और लड़कियों के पास अक्सर मासिक धर्म की देखभाल से जुड़े अच्छी गुणवत्ता वाले उत्पाद उपलब्ध नहीं होते हैं। इन्हीं महिलाओं की कहानियों से प्रेरित होकर उनकी ज़रूरत पूरी करने के लिए कॉम्फी को डिज़ाइन किया गया।

महिला स्वच्छता से जुड़े उत्पादों के लिहाज़ से अग्रणी बेला प्रीमियर हैप्पी हाइजीन केयर प्राइवेट लिमिटेड के सहयोग से, टीम ने उत्तरी अमेरिका से आयातित पल्प का उपयोग कर एक ऐसा उत्पाद विकसित किया जो भारत में अन्य प्रमुख ब्रांडों की तुलना में 80% बेहतर अवशोषण का वादा करता है। लेकिन तकनीकी उत्कृष्टता ही काफी नहीं है बल्कि इसे किफायती भी होना चाहिए। कॉम्फी के किफायती मूल्य निर्धारण ने अलग-अलग आर्थिक पृष्ठभूमि वाली महिलाओं के लिए बेहतर मासिक धर्म देखभाल को सुलभ बना दिया है।

अमृतंजन हेल्थकेयर लिमिटेड के चेयरमैन एवं मैनेजिंग डायरेक्टर, एस. संभू प्रसाद कहते हैं, “कॉम्फी आज एक अरब रुपये (₹100 करोड़) का ब्रांड है। हमारे विशिष्ट रूप से डिज़ाइन किए गए सैनिटरी पैड की बाज़ार में उल्लेखनीय स्वीकार्यता के कारण हमारा महिला स्वच्छता व्यवसाय लगातार दोहरे अंकों में वृद्धि दर्ज रहा है। सैनिटरी नैपकिन व्यवसाय के विस्तार की रणनीति के मद्देनज़र हम एक विश्व स्तरीय सैनिटरी नैपकिन विनिर्माण संयंत्र तैयार करने के लिए निवेश कर रहे हैं। हमने हमेशा से हर महिला के लिए बेहतर और किफायती तरीके से मासिक धर्म से जुड़े उत्पाद सुलभ बनाने पर ध्यान केंद्रित किया है।”

उन्होंने कहा, “हम प्रोजेक्ट दिशा जैसी ज़मीनी पहलों के ज़रिये जागरूकता फैलाने और महिलाओं को आत्मविश्वास तथा सम्मान के साथ जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं। हम ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म के माध्यम से अपने ऑनलाइन पदचिह्न का विस्तार कर अपने सोशल मीडिया जुड़ाव का लाभ उठाकर और उपभोक्ताओं के साथ अपने संबंध को मज़बूत करने के लिए “कॉम्फी पीरियड ट्रैकर” जैसे ऐप पेश कर डिजिटल परिवर्तन और प्रौद्योगिकी को भी अपना रहे हैं।”

अमृतंजन हेल्थकेयर लिमिटेड के लिए वितरण, प्रमुख प्रतिस्पर्धी लाभ के रूप में काम करता है। कंपनी ने थोक और खुदरा दोनों किस्म की दुकानों में मज़बूत चैनल भागीदारी स्थापित की है, जिससे 10,000 से कम आबादी वाले गांवों तक में भी उत्पाद की व्यापक उपलब्धता सुनिश्चित होती है। इस पहुंच के विस्तार के लिए, कॉम्फी ने छह इकाइयों वाला एक विशेष थोक पैक प्रस्तुत किया, जिससे थोक वितरण चैनलों के ज़रिये बाजार में अपने स्थिति मज़बूत करने में में मदद मिली।

अमृतंजन ने लगातार ब्रांड जागरूकता को प्राथमिकता दी है, जो इसके मूल प्रस्ताव – ‘पावर टू बी यू’ पर आधारित है। कॉम्फी उपभोक्ताओं को बिना किसी चिंता के अपने लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आत्मविश्वास से सशक्त बनाता है। कंपनी ने अपनी ब्रांड उपस्थिति को मज़बूत करने के लिए, बॉलीवुड की प्रमुख अभिनेत्री श्रद्धा कपूर को अपना एंबेसडर बनाया। कॉम्फी ने मासिक धर्म स्वास्थ्य शिक्षा और बेहतर स्वच्छता प्रथाओं को बढ़ावा देने पर केंद्रित पहल प्रोजेक्ट दिशा के ज़रिये जमीनी स्तर पर सार्थक बदलाव लाया है।

प्रोजेक्ट दिशा ने पांच साल पहले अपनी शुरुआत के बाद से अब तक देश भर के 1800 से अधिक शहरों में 7 लाख उपभोक्ताओं की मदद की है, स्वच्छता के बेहतर तरीकों और इन्हें अपनाने को बढ़ावा दिया है।

कॉम्फी आने वाले दिनों में अपने दोहरे मिशन – मासिक धर्म स्वास्थ्य के बारे में जागरूकता बढ़ाते हुए उच्च गुणवत्ता वाले मासिक धर्म स्वच्छता उत्पादों को अधिक सुलभ बनाना – के प्रति प्रतिबद्ध है। गौरतलब है कि यह पहल सिर्फ सैनिटरी नैपकिन से ही नहीं बल्कि हर महिला को अपनी शर्तों पर जीवन जीने के लिए सशक्त बनाने से जुड़ी है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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