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आंध्र पुलिस का आतंकी नेटवर्क के खिलाफ बड़ा एक्शन,बिहार बंगाल दिल्ली राजस्थान महाराष्ट्र कर्नाटक तेलंगाना से 12 संदिग्ध गिरफ्तार

On: March 26, 2026 10:46 AM
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आंध्र प्रदेश: आंध्र प्रदेश पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान तक बड़ी छापामारी की है। इस छापामारी में एक दर्जन संदिग्धों को गिरफ्तार किया गया है। इस तरह एक बड़े आतंकी नेटवर्क का खुलासा हुआ है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक एक समन्वित बहु-राज्यीय अभियान में 12 संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। इनमें से तीन विजयवाड़ा के रहने वाले हैं, जबकि बाकी बिहार, दिल्ली, कर्नाटक, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, तेलंगाना और राजस्थान से पकड़े गए।
पुलिस और खुफिया अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार किए गए लोग अल-कायदा इन द इंडियन सबकॉन्टिनेंट और इस्लामिक स्टेट ऑफ इराक एंड सीरिया से जुड़े विदेशी हैंडलर्स के संपर्क में थे। वे कथित तौर पर राष्ट्र-विरोधी गतिविधियों, युवाओं को कट्टरपंथी बनाने और जिहाद की तैयारी में शामिल थे।

गिरफ्तार किए गए आंध्र प्रदेश के तीन संदिग्ध

मोहम्मद रहमतुल्लाह शरीफ (23 वर्ष, बाइक टैक्सी चालक)
मिर्जा सोहेल बेग (23 वर्ष, रेस्तरां कर्मचारी)
मोहम्मद दानिश (27 वर्ष, लेजर मार्किंग प्रोफेशनल)
ये तीनों विजयवाड़ा शहर के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक, इन्होंने अल मलिक इस्लामिक यूथ नाम का एक समूह बनाया था, जिसका मकसद युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा से प्रभावित करना, उन्हें जिहाद के लिए तैयार करना और देशभर में नेटवर्क का विस्तार करना था।

इस तरह से चलता था कैंपेन

प्रारंभिक जांच के अनुसार, बाइक टैक्सी चालक रहमतुल्लाह अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी नेताओं के नफरत भरे भाषणों से प्रभावित था और सोशल मीडिया पर सक्रिय रूप से चरमपंथी सामग्री का अनुसरण और साझा करता था।

रहमतुल्लाह ने लेजर मार्किंग के पेशेवर दानिश और एक रेस्तरां में काम करने वाले सोहेल बेग के साथ मिलकर कथित तौर पर ऑनलाइन प्लेटफार्मों के माध्यम से जिहाद से संबंधित गतिविधियों का विस्तार किया।

विदेशी हैंडलर के संपर्क में थे

रहमतुल्लाह ने सोशल मीडिया के माध्यम से अल-हकीम शकूर नामक एक विदेशी हैंडलर से संपर्क स्थापित किया और उसके निर्देशों पर बिहार के शादमान दिलखुश और हैदराबाद की सैदा बेगम के साथ मिलकर काम किया।

अधिकारी ने कहा, इसके अलावा, उसने आईएसआईएस से जुड़े “बेनेक्स कॉम” समूह से जुड़े व्यक्तियों के साथ संबंध स्थापित किए, जिनमें अजमानुल्लाह खान (बिहार), लकी अहमद (दिल्ली), मीर आसिफ अली (पश्चिम बंगाल), जीशान (राजस्थान), अब्दुल सलाम (कर्नाटक), शाहरुख खान और शियाक पियाज उर रहमान (महाराष्ट्र) शामिल हैं।

ये आरोप लगे

विदेशी हैंडलर (जिसमें अल-हकीम शकूर शामिल) के निर्देश पर काम करना।
सोशल मीडिया (इंस्टाग्राम, टेलीग्राम आदि) के जरिए चरमपंथी सामग्री शेयर करना, ओसामा बिन लादेन के वीडियो देखना और उनकी नकल करना।
राष्ट्रीय ध्वज को ISIS झंडे से बदलना, राष्ट्रगान का मजाक उड़ाना, राष्ट्रीय ध्वज जलाना और भारत को इस्लामी राज्य बनाने का ऐलान।
गजवा-ए-हिंद की अवधारणा पर काम करना और पाकिस्तान-अफगानिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण लेने की योजना।
अन्य राज्यों के संदिग्धों के साथ समन्वय: शादमान दिलखुश (बिहार), सैदा बेगम (हैदराबाद), अजमानुल्लाह खान (बिहार), लकी अहमद (दिल्ली), मीर आसिफ अली (पश्चिम बंगाल), जीशान (राजस्थान), अब्दुल सलाम (कर्नाटक), शाहरुख खान और शियाक पियाज उर रहमान (महाराष्ट्र) आदि।
पाकिस्तान जाने की फिराक में थे ये लोग

आगे की जांच में पता चला कि वे प्रशिक्षण में भाग लेने के लिए एक महीने के भीतर पाकिस्तान जाने की व्यवस्था कर रहे थे और युवाओं को पाकिस्तान और अफगानिस्तान में आतंकवादी प्रशिक्षण लेने के लिए भी प्रेरित कर रहे थे। पुलिस ने आगे बताया कि अतिरिक्त कड़ियों की पहचान करने और नेटवर्क के विस्तार को रोकने के लिए आगे की जांच जारी है।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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