राजामहेंद्रवरम: आंध्र प्रदेश के राजामहेंद्रवरम शहर से मिलावटी दूध का एक बेहद चिंताजनक मामला सामने आया है। जहरीला दूध पीने से 16 लोगों की मौत हो गई है, जबकि कई लोग गंभीर हालत में अस्पतालों में भर्ती हैं। घटना सामने आने के कई दिन बाद भी इलाके के लोग दहशत और सदमे में हैं।
जानकारी के अनुसार यह मामला पिछले महीने 22 तारीख को सामने आया था, जब एक ही परिवार के चार सदस्यों की अचानक तबीयत बिगड़ गई और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों को शुरुआत में बीमारी की वजह समझ नहीं आई, लेकिन जब इसी तरह के कई और मरीज अस्पताल पहुंचने लगे तो मामले की गहराई से जांच शुरू की गई।
106 परिवारों तक पहुंचा था दूध
जांच में सामने आया कि यह दूध कोरुकोंडा मंडल के नरसापुरम गांव के रहने वाले एक स्थानीय विक्रेता द्वारा सप्लाई किया जा रहा था। बताया जा रहा है कि आरोपी विक्रेता ने लगभग 106 परिवारों को यह दूध पहुंचाया था।
पुलिस ने आरोपी दूध विक्रेता अड्डाला गणेश्वरराव (33) को हिरासत में ले लिया है। साथ ही उसकी डेयरी यूनिट को तत्काल प्रभाव से सील कर दिया गया है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की जांच की जा रही है।
दूध में मिला जहरीला रसायन
स्वास्थ्य विभाग की जांच में पता चला कि दूध में इथाइलीन ग्लाइकॉल नाम का बेहद खतरनाक रसायन मिला हुआ था। यह रसायन शरीर के लिए अत्यंत विषैला माना जाता है और किडनी को गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
मरीजों की हालत गंभीर
अधिकारियों के मुताबिक कई मरीजों में पेशाब बंद होना, उल्टी, पेट दर्द और कमजोरी जैसी शिकायतें देखी गईं। मेडिकल जांच में मरीजों के सीरम क्रिएटिनिन का स्तर 8 से 11 के बीच पाया गया, जो किडनी फेल होने की गंभीर स्थिति को दर्शाता है।
वर्तमान में एक पांच महीने का शिशु, दो साल का बच्चा सहित पांच मरीज अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती हैं। इन सभी को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया है और उनका डायलिसिस किया जा रहा है।
सैंपल लैब में जांच के लिए भेजे गए
घटना के बाद खाद्य सुरक्षा और पशुपालन विभाग की टीमें सक्रिय हो गई हैं। अधिकारियों ने दूध, पनीर, घी और पशु चारे के नमूने एकत्र कर जांच के लिए प्रयोगशालाओं में भेजे हैं।
सैंपल की जांच Jawaharlal Nehru Technological University और Vimta Labs में की जा रही है, जहां माइक्रोबियल, फिजियो-केमिकल और जहरीली मिलावट की विस्तृत जांच होगी।
घर-घर जाकर की जा रही जांच
प्रशासन ने प्रभावित इलाकों में रैपिड रिस्पांस टीमें तैनात कर दी हैं, जो घर-घर जाकर उन लोगों की पहचान कर रही हैं जिन्होंने यह दूध खरीदा था। साथ ही कुछ मरीजों के खून और पेशाब के नमूनों को एडवांस टॉक्सिकोलॉजिकल जांच के लिए भी भेजा गया है।
अधिकारियों ने बताया कि आसपास के इलाकों के लगभग 65 दूध विक्रेता राजमहेंद्रवरम शहर में दूध की सप्लाई करते हैं, और इस मिलावट कांड ने पूरे कारोबार को बुरी तरह प्रभावित किया है।
पुलिस ने दर्ज किया मामला
पुलिस ने इस मामले में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है और पूरे वितरण तंत्र की जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कार्रवाई की जाएगी।










