पेशावर: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में पाकिस्तानी सेना के लेफ्टिनेंट कर्नल इमरान दयाल की अज्ञात बंदूकधारियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना 28 जनवरी को डेरा इस्माइल खान जिले में हुई। सुरक्षा सूत्रों के मुताबिक, इमरान दयाल 2025 में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले में एक हैंडलर के तौर पर संलिप्त था।
सूत्रों ने बताया कि लेफ्टिनेंट कर्नल इमरान दयाल दोपहर करीब 2 बजे शोर कोट इलाके में अपनी कार में डेरा–बन्नू रोड से गुजर रहा था, तभी अज्ञात हमलावरों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। गोली लगने से मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे क्षेत्र को घेर लिया।
पहलगाम आतंकी हमला
गौरतलब है कि 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम स्थित बाइसरन घाटी में आतंकियों ने पर्यटकों को निशाना बनाते हुए अंधाधुंध गोलीबारी की थी। इस बर्बर हमले में 25 पर्यटकों और एक पोनी चालक की जान चली गई थी। हमलावरों ने कथित तौर पर लोगों से धर्म पूछकर हत्या की और कई पर्यटकों को जबरन कलमा पढ़ने के लिए मजबूर किया था, जिससे पूरे देश में आक्रोश फैल गया था।
सुरक्षाबलों की बड़ी कार्रवाई
हमले के बाद भारतीय सुरक्षाबलों ने बड़े पैमाने पर तलाशी और सर्च ऑपरेशन शुरू किया। महीनों चले अभियान के बाद 28 जुलाई को डाचीगाम के जंगलों में तीन पाकिस्तानी आतंकियों सुलैमान शाह, हमजा अफगानी उर्फ अफगान और जिबरान को मुठभेड़ में मार गिराया गया।
‘ऑपरेशन सिंदूर’
पहलगाम हमले के जवाब में भारत ने 7 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया। भारतीय वायुसेना ने पाकिस्तान और पीओके में स्थित 9 आतंकी ठिकानों पर सटीक हवाई हमले किए। इन हमलों में करीब 100 आतंकियों के मारे जाने की जानकारी सामने आई थी। इसके बाद भारत और पाकिस्तान के बीच चार दिनों तक भारी गोलीबारी और हवाई टकराव की स्थिति बनी रही। हालात 10 मई को दोनों देशों के बीच आपसी समझौते के बाद सामान्य हुए।












