Pakistani beggars in Saudi Arabia: पश्चिम एशिया में पाकिस्तानी भिखारियों की बढ़ती मौजूदगी अब पाकिस्तान के लिए गंभीर कूटनीतिक और सामाजिक समस्या बनती जा रही है। सऊदी अरब ने हाल के महीनों में भीख मांगने के आरोप में करीब 56 हजार पाकिस्तानी नागरिकों को देश से बाहर कर दिया है। सऊदी प्रशासन के मुताबिक ये लोग उमराह या विज़िट वीज़ा पर सऊदी पहुंचे थे और मक्का-मदीना जैसे पवित्र स्थलों के आसपास भीख मांगकर तीर्थयात्रियों को परेशान कर रहे थे।
सऊदी की सख्ती, बार-बार चेतावनी
सऊदी अरब के हज एवं उमराह मंत्रालय ने इस मुद्दे पर पाकिस्तान को कई बार आगाह किया था। चेतावनी दी गई थी कि यदि इस प्रवृत्ति पर रोक नहीं लगी तो वीज़ा नियमों में और कड़ाई की जाएगी। इसके बावजूद हालात नहीं सुधरे, जिसके बाद सऊदी प्रशासन ने बड़े पैमाने पर कार्रवाई करते हुए पाकिस्तानी नागरिकों को निष्कासित किया।
UAE ने भी लगाया प्रतिबंध
यह समस्या सिर्फ सऊदी अरब तक सीमित नहीं है। संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने भी पाकिस्तानी नागरिकों पर वीज़ा प्रतिबंध लगाए हैं। आरोप है कि कई लोग वहां जाकर संगठित गिरोहों के साथ जुड़कर भीख मांगने और अपराधों में शामिल हो रहे हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम एशियाई देशों में पकड़े गए भिखारियों में करीब 90 प्रतिशत पाकिस्तानी मूल के पाए गए हैं।
दबाव में पाकिस्तान की कार्रवाई
सऊदी और UAE के बढ़ते दबाव के बाद पाकिस्तान सरकार ने भी कदम उठाने शुरू किए हैं। हजारों लोगों को नो-फ्लाई लिस्ट में डाला गया है ताकि वे विदेशी वीज़ा लेकर बाहर न जा सकें। साल 2025 में 66 हजार से अधिक संदिग्ध यात्रियों को पाकिस्तान के हवाई अड्डों पर ही रोक दिया गया, जिससे संगठित भिखारी नेटवर्क पर लगाम लगाई जा सके।
पाकिस्तान में भीख एक संगठित कारोबार
पाकिस्तान में भीख मांगना वर्षों से एक संगठित कारोबार के रूप में पनपता रहा है। पाकिस्तानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, देश में 2024 में लगभग 3.8 करोड़ भिखारी थे। दावा किया जाता है कि यह नेटवर्क हर साल करीब 42 अरब डॉलर की भीख जुटाता है।
आंकड़ों के मुताबिक पाकिस्तानी भिखारी प्रतिदिन औसतन 32 अरब पाकिस्तानी रुपये लोगों की जेब से निकाल लेते हैं, जो किसी भी लिहाज़ से छोटी रकम नहीं है।
ट्रेनिंग और मार्केटिंग स्किल
रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि पाकिस्तान में भिखारियों को खास ट्रेनिंग दी जाती है। भावनात्मक अपील, भीड़ को आकर्षित करने के तरीके और ‘मार्केटिंग स्किल’ तक सिखाई जाती हैं। यही कारण है कि कई भिखारी विदेशी तीर्थस्थलों और पर्यटन केंद्रों को निशाना बनाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय छवि पर असर
इस पूरे घटनाक्रम से पाकिस्तान की अंतरराष्ट्रीय छवि को गहरा नुकसान पहुंचा है। खुद पाकिस्तान के रक्षा मंत्री सार्वजनिक रूप से यह स्वीकार कर चुके हैं कि विदेशों में पकड़े जा रहे भिखारी देश की बदनामी करा रहे हैं।
पाकिस्तान की फिर फजीहत, सऊदी अरब ने 56000 पाकिस्तानी भिखारियों को देश से निकाला












