---Advertisement---

बांग्लादेश में एक और हिंदू की हत्या, सिर में गोली मारकर उतारा मौत के‌ घाट

On: January 5, 2026 9:06 PM
---Advertisement---

ढाका: बांग्लादेश में हिंदुओं को निशाना बनाए जाने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। इसी कड़ी में एक और दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। जशोर जिले के मनीरामपुर इलाके में सोमवार (5 जनवरी) की शाम बदमाशों ने एक हिंदू युवक और पेशे से पत्रकार 45 वर्षीय राणा प्रताप बैरागी की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत और आक्रोश का माहौल है।


घटना मनीरामपुर के कोपलिया बाजार क्षेत्र की बताई जा रही है, जहां शाम करीब 6 बजे हथियारबंद हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक हमलावरों ने राणा प्रताप को उनकी बर्फ फैक्ट्री से बाहर बुलाया और पास ही एक क्लिनिक के नजदीक गली में ले गए। वहां कुछ देर तक बातचीत और बहस हुई, जिसके बाद बदमाशों ने बेहद नजदीक से राणा के सिर को निशाना बनाकर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं।


स्थानीय लोगों का कहना है कि गोलियों की आवाज से बाजार में अफरा-तफरी मच गई। हमलावर वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से मनीरामपुर की ओर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल से सात खोखे बरामद किए, जो इस हमले की क्रूरता को दर्शाते हैं।


इस हत्या के बाद स्थानीय हिंदू समुदाय में भय का माहौल है। लोगों का कहना है कि लगातार हो रही ऐसी घटनाओं से वे खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है, लेकिन खबर लिखे जाने तक न तो किसी आरोपी की पहचान हो सकी है और न ही गिरफ्तारी को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी किया गया है।


गौरतलब है कि यह कोई पहला मामला नहीं है। हाल के महीनों में बांग्लादेश में कई हिंदुओं की निर्मम हत्या की जा चुकी है। इससे पहले दीपू दास की कथित ईशनिंदा के आरोप में हत्या कर दी गई थी। वहीं कारोबारी खोकोन दास पर हमले के बाद उग्र भीड़ ने उन्हें पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया था। गंभीर रूप से झुलसे खोकोन दास की इलाज के दौरान मौत हो गई थी। इसके अलावा अमृत मंडल और बजेंद्र विश्वास की हत्याएं भी अल्पसंख्यकों के खिलाफ बढ़ती हिंसा की ओर इशारा करती हैं।


इन घटनाओं ने एक बार फिर बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, खासकर हिंदुओं की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मानवाधिकार संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सरकार से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अल्पसंख्यकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now

और पढ़ें