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रमना: मजदूर का शव आते ही परिजनों के विलाप से माहौल शोकमय

On: November 1, 2024 10:18 AM
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रमना: इस क्षेत्र के मजदूरों कि मौत दूसरे राज्यों में लगातार हो रहा हैं, जो थमने का नाम नहीं ले रहा है। पलायन इस क्षेत्र कि मजदूरों के लिए अभिशाप हो गया हैं, गत वर्ष पूर्व ही सिलिदाग पंचायत के करीमन टोला के जयराम कि मृत्यु दूसरे राज्य में मजदूरी करने के क्रम में हो गया था, इसकी पीड़ा से लोग उबर भी नहीं पाए थे किगत दिन इसी पंचायत के स्वर्गीय करीमन राम का नाती 24 वर्षीय विकलेश कुमार कि मौत हो गयी, जिसका शव दीपावली के दिन सुबह करीब 10 बजे पहुंचा शव पहुंचते ही परिजनों के विलाप से दीपावली त्यौहार का खुशी मातम में बदल गया, शव देखने के लिए ग्रामीणों कि भीड़ उमड़ पड़ी।


जानकारीनुसार विकलेश कुमार पिता मनी राम, गत माह पूर्व गांव के ठीकदार के साथ मजदूरी करने आंध्रप्रदेश के चितूर जिला अंतर्गत कुप्पम में गया था, जहां करीब एक माह मजदुरी किया, लेकिन गत 27/10 को कुप्पम से बंगलुरु (बंगलौर ) अपने रिस्तेदार के पास मजदूरी करने के लिए निकला जिसके अगले ही दिन रेलवे पुलिस के द्वारा ठीकदार को सुचना मिली कि उक्त युवक कि मृत्यु कर्नाटक के भंगार पेट रेलवे स्टेशन क्षेत्र में हो गयी हैं जिसका मृत शरीर रेलवे ट्रैक पर मिला है।


इस परिवार कि आर्थिक स्थिति ऐसी है कि शव लाने के लिए पैसे भी नहीं था कर्नाटक से सिलिदाग का किराया 80 हजार रुपया लिया गया, जिसमे ठीकदार द्वारा 30 हजार, पूर्व मुखिया पति एवं ठीकदार राजा सिंह ठीकदार सोनू सिंह द्वारा,दस-दस हजार, झामुमो नेता ताहिर अंसारी, मुखिया अनीता देवी द्वारा पांच-पांच हजार रुपया दिया गया।

इसके बावजूद भी पूरा पैसा नहीं हुआ तो ग्रामीणों एवं रिश्तेदारों के द्वारा चंदा इकट्ठा कर गाड़ी किराया दिया गया। शव का अंतिम संस्कार सिलिदाग गड़गड़वा नदी स्थित श्मसान घाट पर किया गया।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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