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श्रीनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सहारनपुर से MBBS डॉक्टर गिरफ्तार, लगाए थे जैश-ए-मोहम्मद के पोस्टर

On: November 7, 2025 11:43 AM
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सहारनपुर (उत्तर प्रदेश): बुधवार को सहारनपुर में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब श्रीनगर पुलिस की एक विशेष टीम ने अचानक शहर में पहुंचकर एक निजी अस्पताल में तैनात MBBS डॉक्टर को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी डॉक्टर पर श्रीनगर में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने का गंभीर आरोप है।

सूत्रों के अनुसार, हाल ही में श्रीनगर के कई इलाकों में जैश के प्रचारक पोस्टर लगाए गए थे। इस मामले में श्रीनगर पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान मिले CCTV फुटेज में एक युवक संदिग्ध गतिविधियों में नजर आया। तकनीकी सर्विलांस के जरिए उसकी पहचान डॉ. आदिल अहमद राठर, पुत्र अब्दुल माजिद, निवासी अनंतनाग (जम्मू-कश्मीर) के रूप में हुई।

डॉ. आदिल की लोकेशन सहारनपुर में ट्रेस होने के बाद श्रीनगर पुलिस की विशेष टीम ने स्थानीय पुलिस और SOG के साथ मिलकर अंबाला रोड स्थित एक निजी अस्पताल में छापेमारी की। टीम ने डॉक्टर को मौके से ही हिरासत में लेकर थाना लाकर पूछताछ की। कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अदालत के आदेश पर आरोपी को ट्रांजिट रिमांड में श्रीनगर पुलिस को सौंप दिया गया।

सहारनपुर के एसएसपी आशीष तिवारी से टीम ने मुलाकात कर गिरफ्तारी से जुड़े दस्तावेज साझा किए। फिलहाल सहारनपुर पुलिस ने स्पष्ट किया है कि आरोपी के खिलाफ जिले में कोई स्थानीय मामला दर्ज नहीं है।

जानकारी के अनुसार, डॉ. आदिल ने हाल ही में 4 अक्टूबर को सहारनपुर की एक महिला डॉक्टर से निकाह किया था। इससे पहले वे दिल्ली रोड स्थित एक अन्य बड़े अस्पताल में कार्यरत थे। स्थानीय सूत्रों के मुताबिक, सहारनपुर के निजी अस्पतालों में इस समय जम्मू-कश्मीर से आए कई डॉक्टर और पैरामेडिकल स्टाफ कार्यरत हैं।

इस घटना के बाद लोकल इंटेलिजेंस यूनिट (LIU) और पुलिस ने सतर्कता बढ़ा दी है। अब जिले के सभी अस्पतालों और मेडिकल हॉस्टलों में कार्यरत बाहरी कर्मचारियों की बैकग्राउंड जांच शुरू कर दी गई है। सभी निजी संस्थानों से स्टाफ का पूरा ब्यौरा मांगा गया है ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की समय रहते जानकारी मिल सके।

वहीं, श्रीनगर पहुंचने के बाद आरोपी डॉक्टर से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि पोस्टर लगाने की कार्रवाई उसने अकेले की या किसी नेटवर्क के निर्देश पर। पुलिस अब डॉक्टर के डिजिटल डिवाइस और सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी गहन जांच कर रही है।

सूत्रों के अनुसार, इस गिरफ्तारी से पुलिस को कुछ अहम सुराग मिले हैं, जो जैश समर्थक नेटवर्क के बड़े खुलासे की दिशा में मददगार साबित हो सकते हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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