---Advertisement---

पाक के बाद चीन के खिलाफ बड़ा एक्शन, मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ब्लॉक

On: May 14, 2025 8:45 AM
---Advertisement---

नई दिल्ली: पाकिस्तान के बाद भारत ने अब चीन के खिलाफ बड़ा एक्शन लेते हुए ड्रैगन के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर उसके अकाउंट को ब्लॉक कर दिया है।

बता दें कि ग्लोबल टाइम्स भारत के खिलाफ फर्जी खबरें चला कर‌ दुष्प्रचार कर रहा था।जिसके खिलाफ ये एक्शन लिया गया है।

ग्लोबल टाइम्स चीन का मुखपत्र है, जो शी जिनपिंग के एजेंडा को आगे बढ़ाने का काम करता है. वो भारत के खिलाफ फर्जी खबरें चलाता है. ग्लोबल टाइम्स पर एक्शन से पहले भारत ने अरुणाचल प्रदेश पर चीन को तेवर दिखाया. उसने अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों के नाम बदलने की चीन की कोशिशों को सिरे से खारिज कर दिया. भारत ने कहा कि इस तरह के बेतुके प्रयासों से यह निर्विवाद सच्चाई नहीं बदलेगी कि यह राज्य भारत का अभिन्न अंग था, है और रहेगा.

अरुणाचल पर चीन को जवाब

दूसरी ओर भारत ने अरुणाचल प्रदेश के कुछ स्थानों के लिए चीन द्वारा उसके नामों की घोषणा किए जाने पर अपनी प्रतिक्रिया देते हुए यह टिप्पणी की है. चीन दावा करता है कि अरुणाचल प्रदेश तिब्बत का दक्षिणी भाग है. विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा, हमने देखा है कि चीन ने भारतीय राज्य अरुणाचल प्रदेश में स्थानों का नाम बदलने के व्यर्थ और बेतुके प्रयास किए हैं. उन्होंने कहा, हम इस तरह के प्रयासों को अपने सैद्धांतिक रुख के अनुरूप स्पष्ट रूप से अस्वीकार करते हैं.

पाक के खिलाफ भी हो चुकी कार्रवाई

चीन से पहले भारत ने पाकिस्तान के खिलाफ कार्रवाई की थी. 22 अप्रैल को पहलगाम में आतंकी हमले के बाद भारत ने पाकिस्तान के साथ सिंधू जल समझौते को स्थगित कर दिया. इसके अलावा राजनयिक संबंधों में भी कटौती कर दी. पाकिस्तानियों का वीजा रद्द कर दिया गया. इन सब कार्रवाइयों के बाद भारत ने पाकिस्तान और पीओके में 9 ठिकानों पर हमला करके 100 से ज्यादा आतंकियों को मार गिराया.

आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई से पाकिस्तान की सेना बौखला गई थी. उसने भारत के खिलाफ नापाक हरकत की, जिसका उसे मुंहतोड़ जवाब मिला. भारत ने एक बार पाकिस्तान में घुसकर कार्रवाई की और उसके कई एयरबेस को तबाह कर दिया. भारत के रौद्र रूप को देखते हुए पाकिस्तान शांति की गुहार लगाने लगा. वो अमेरिका की शरण में पहुंचा. DGMO स्तर में बातचीत के बाद दोनों देश शांति के लिए सहमत हुए.

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

Join WhatsApp

Join Now