गयाजी: बिहार के गयाजी जिले के नक्सल प्रभावित रहे लुटुआ थाना क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने बड़ी कार्रवाई करते हुए नक्सलियों की एक संभावित साजिश को समय रहते नाकाम कर दिया। पहाड़ी और घने जंगलों में चलाए गए संयुक्त अभियान के दौरान सीआरपीएफ और जिला पुलिस ने भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद की, जिसे बाद में सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया।
अभियान की शुरुआत उस समय हुई जब केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) को खुफिया इनपुट मिला कि भुसिया, महादेव स्थान, सिंघवा, बालीबथान, सिकारी कुआं और गुलरिया तरी पहाड़ी के जंगलों में नक्सलियों ने विस्फोटक छिपा रखे हैं। सूचना मिलते ही सीआरपीएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने इलाके में सर्च ऑपरेशन शुरू किया।
करीब सात घंटे तक चले कॉम्बिंग ऑपरेशन के दौरान सिंघवा के जंगल में एक संदिग्ध गुफा पर जवानों की नजर पड़ी। शक के आधार पर जब गुफा की तलाशी ली गई तो अंदर छिपाकर रखी गई भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री बरामद हुई। बरामद सामग्री में
175 कॉमर्शियल इलेक्ट्रिक डेटोनेटर, लगभग 300 किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट और 1000 मीटर कॉर्डेक्स वायर शामिल हैं। सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इतनी बड़ी मात्रा में विस्फोटक किसी बड़े हमले या सुरक्षाबलों को निशाना बनाने की तैयारी की ओर संकेत करता है।
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए तुरंत बम निरोधक दस्ता को बुलाया गया। मानक सुरक्षा प्रक्रियाओं का पालन करते हुए विस्फोटकों को वहीं सुरक्षित तरीके से नष्ट कर दिया गया, जिससे किसी तरह का खतरा नहीं रहा।
ऑपरेशन के बाद आसपास के पहाड़ी और जंगली क्षेत्रों में सघन कॉम्बिंग चलाया गया। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी की जा रही है।
सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि समय रहते की गई इस कार्रवाई से नक्सलियों की बड़ी योजना विफल हो गई है। अगर ये विस्फोटक इस्तेमाल होते तो बड़े पैमाने पर तबाही मच सकती थी।
फिलहाल पूरे इलाके में अलर्ट जारी है और खुफिया तंत्र को भी सक्रिय कर दिया गया है, ताकि नक्सलियों की किसी भी गतिविधि को समय रहते रोका जा सके।














