जमशेदपुर:झारखंड एटीएस और दिल्ली पुलिस की ज्वाइंट ऑपरेशन जमशेदपुर में सोमवार शाम किए जाने की खबर आ रही है। इस ज्वाइंट ऑपरेशन में फर्जी पासपोर्ट और पहचान पत्र बनाने वाले रैकेट का भंडाफोड़ होने की खबर है। इस रेड में तीन अफगानी नागरिकों समेत कुल चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें तीन आरोपियों को जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित हिंदू लाइन से, जबकि एक अन्य को सरायकेला-खरसावां जिले के कपाली थाना क्षेत्र अंतर्गत इस्लामनगर से दबोचा गया।
सूत्रों के अनुसार, सेंट्रल आईबी को झारखंड में सक्रिय फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज रैकेट के संचालन को लेकर पुख्ता खुफिया सूचना मिली थी। इसके बाद दिल्ली से आई आईबी की विशेष टीम ने झारखंड एटीएस के साथ समन्वय स्थापित कर जमशेदपुर और सरायकेला-खरसावां में एक साथ छापेमारी की। छापेमारी के दौरान रैकेट से जुड़े लोगों को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार किए गए तीन अफगानी नागरिकों की पहचान मो. इश्तियाक अहमद, मो. अनवर खान और लंबू के रूप में हुई है। बताया गया है कि तीनों अफगानिस्तान की राजधानी काबुल के मूल निवासी हैं और लंबे समय से जमशेदपुर में एक फ्लैट में रह रहे थे।
पूछताछ में सामने आया है कि इन तीनों के तार मोनाजिर नामक व्यक्ति से जुड़े हुए हैं, जिसे हाल ही में मुंबई पुलिस ने गिरफ्तार किया था। मोनाजिर की गिरफ्तारी 25 अक्टूबर 2025 को जमशेदपुर के मानगो चौक स्थित उसके कार्यालय से की गई थी। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने कार्यालय से सात डिजिटल दस्तावेज जब्त किए थे। जब्त सामग्री के प्रारंभिक विश्लेषण में यह संकेत मिले हैं कि मोनाजिर झारखंड में बड़े पैमाने पर फर्जी शैक्षणिक प्रमाण पत्र, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज बनाने का नेटवर्क चला रहा था।
पूछताछ में यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपियों के माध्यम से फर्जी पासपोर्ट और अन्य दस्तावेज तैयार किए जाते थे। सुरक्षा एजेंसियां इस पूरे नेटवर्क के अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय लिंक की भी जांच कर रही हैं। फिलहाल, जब्त किए गए डिजिटल डिवाइस और दस्तावेजों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि रैकेट के जरिए अब तक कितने लोगों को फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराए गए और इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं।
बताया जा रहा है कि दिल्ली से गिरफ्तार किए गए एक अफगानी नागरिक से मिले इनपुट के बाद सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट मोड पर हैं. इसी कड़ी में दिल्ली पुलिस और झारखंड एटीएस की संयुक्त टीम ने जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र में एक बड़ा सर्च ऑपरेशन चलाया है. सुरक्षा एजेंसियों की इस कार्रवाई से इलाके में हड़कंप मच गया है.
जांच एजेंसियां छापामारी में मिले दस्तावेजों और उपकरणों के माध्यम से यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि जमशेदपुर में इस नेटवर्क की जड़ें कितनी गहरी हैं. सूत्रों के मुताबिक, दिल्ली में पकड़ा गया अफगानी नागरिक लंबे समय तक जमशेदपुर में रह चुका है. इस दौरान उसने कई स्थानीय लोगों के साथ संपर्क बनाए और एक मजबूत नेटवर्क तैयार किया.
अफगानी नागरिक ने पूछताछ में जमशेदपुर के कई मददगारों और जान-पहचान वालों का जिक्र किया था, जिसके बाद यह छापेमारी की गई है. सुरक्षा एजेंसियां कई संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने की तैयारी में हैं.
इस पूरे मामले में एजेंसियां गोपनीयता बरत रही हैं. बरामद दस्तावेजों और डिजिटल सामग्री की बारीकी से जांच की जा रही है. हालांकि, दिल्ली पुलिस या झारखंड एटीएस की ओर से अब तक छापेमारी और बरामद दस्तावेजों को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है.








