Naxal Surrender: छत्तीसगढ़ में नक्सल विरोधी अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है। शनिवार को सुकमा जिले में 21 इनामी नक्सलियों ने सुरक्षा बलों के सामने हथियार डाल दिए। आत्मसमर्पण करने वाले इन नक्सलियों पर कुल 76 लाख रुपये का इनाम घोषित था और ये कई गंभीर नक्सली वारदातों में शामिल रहे हैं।
आत्मसमर्पण के दौरान नक्सलियों ने सुरक्षा बलों को SLR, AK-47, BGL लॉन्चर समेत कई अत्याधुनिक और ऑटोमेटिक हथियार सौंपे। अधिकारियों के मुताबिक, ये सभी हथियार पहले नक्सली गतिविधियों में इस्तेमाल किए जा चुके हैं। नक्सलियों का यह कदम क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में अहम माना जा रहा है।
साथ ही बीजापुर में भी 85 लाख रुपये के इनामी 30 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है। सभी ने SP और CRPF अधिकारियों के सामने सरेंडर करते हुए हथियार त्याग दिए। सरेंडर करने वाले नक्सलियों में 20 महिला और 10 पुरुष नक्सली शामिल हैं, जो साउथ सब जोनल ब्यूरो से जुड़े थे।
आपको बता दें कि आज से तीन दिनों तक केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह छत्तीसगढ़ दौरे पर रहेंगे। अमित शाह के दौरे के दौरान बड़ी संख्या में नक्सलियों का सरेंडर करना काफी अहम माना जा रहा है।
दरअसल, केंद्र सरकार ने देश को नक्सलवाद से पूरी तरह मुक्त करने के लिए 31 मार्च 2026 तक की समयसीमा तय की है। इसी लक्ष्य के तहत केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर सर्च ऑपरेशन और एंटी-नक्सल अभियानों को लगातार तेज कर रही हैं। सुरक्षा बलों की बढ़ती कार्रवाई और दबाव के चलते नक्सली संगठन कमजोर पड़ते नजर आ रहे हैं।
अधिकारियों का कहना है कि सरकार की पुनर्वास नीति, विकास कार्यों और लगातार हो रही कार्रवाई का असर अब जमीन पर दिखने लगा है। इसी वजह से बड़ी संख्या में नक्सली मुख्यधारा में लौटने का रास्ता चुन रहे हैं। आने वाले दिनों में और भी नक्सलियों के आत्मसमर्पण की संभावना जताई जा रही है।














