चतरा: जिले के कुंदा थाना क्षेत्र अंतर्गत गेंदरा गांव में रविवार देर रात उस वक्त सनसनी फैल गई, जब पूर्व नक्सलियों के दो गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर भीषण गोलीबारी हो गई। आधी रात के करीब हुई इस खूनी झड़प में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। फायरिंग की आवाज से पूरा गांव दहशत में आ गया और लोग घरों में दुबकने को मजबूर हो गए।
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, लावालौंग निवासी धीरेंद्र गंझू और चूरामन गंझू अपने समर्थकों के साथ गिरोह बनाकर कुंदा थाना क्षेत्र के गेंदरा गांव पहुंचे थे। बताया जा रहा है कि दोनों पक्षों के बीच पहले से ही आपसी रंजिश और क्षेत्रीय वर्चस्व को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते धीरेंद्र गंझू और चूरामन गंझू ने श्याम गंझू के घर पर हमला कर दिया।
हमले के दौरान दूसरे पक्ष ने भी जवाबी कार्रवाई की, जिसके बाद दोनों ओर से अंधाधुंध फायरिंग शुरू हो गई। इस मुठभेड़ में धीरेंद्र गंझू और चूरामन गंझू को गोलियां लगीं और दोनों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। वहीं, जवाबी फायरिंग में श्याम गंझू, उनकी पत्नी और उनका साला गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायलों को पहले स्थानीय स्तर पर प्राथमिक उपचार दिया गया, लेकिन हालत नाजुक होने के कारण तीनों को बेहतर इलाज के लिए रांची स्थित रिम्स अस्पताल रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि घायल श्याम गंझू पूर्व में एनआईए का आरोपी रह चुका है और उसका नाम कई गंभीर मामलों में सामने आ चुका है।
चतरा के पुलिस अधीक्षक सुमित अग्रवाल ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि यह वारदात पूर्व नक्सलियों के बीच आपसी विवाद का नतीजा है। उन्होंने बताया कि मारे गए धीरेंद्र गंझू का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है और उसके खिलाफ 30 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज थे। दोनों पक्ष पूर्व में प्रतिबंधित उग्रवादी संगठन टीएसपीसी से जुड़े रहे हैं।
घटना की सूचना मिलते ही कुंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और पूरे इलाके को घेरकर सघन तलाशी अभियान शुरू कर दिया गया। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आधी रात को हुए इस संघर्ष की असली वजह क्या थी और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे। फिलहाल गांव में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और सुरक्षा के मद्देनज़र पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।














