चाईबासा: क्रिसमस के दिन पश्चिमी सिंहभूम जिले के खूंटपानी प्रखंड अंतर्गत पांड्राशाली गांव में एक हृदयविदारक हादसे ने पूरे इलाके को शोक में डुबो दिया। गांव की 34 वर्षीय नवविवाहिता महिला की इलाज के दौरान गुरुवार तड़के करीब 4 बजे सदर अस्पताल चाईबासा में मौत हो गई। शुक्रवार को सदर अस्पताल स्थित पोस्टमार्टम हाउस में मृतका का पोस्टमार्टम कराया गया।
मृतका की पहचान सुनीता पूर्ति के रूप में हुई है। परिजनों और ग्रामीणों से मिली जानकारी के अनुसार यह हादसा 21 दिसंबर, रविवार की संध्या करीब 4 बजे हुआ था। ठंड से बचने के लिए सुनीता घर में दो अन्य महिलाओं के साथ अलाव ताप रही थी। इसी दौरान अचानक उसकी साड़ी में आग लग गई। आग लगते ही वह घबरा गई और इधर-उधर दौड़ने लगी, जिससे आग ने और विकराल रूप ले लिया।
बताया गया है कि घटना के समय सुनीता के पति विक्रम पूर्ति परिवार में एक बुजुर्ग के निधन के कारण अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में शामिल होने कब्रिस्तान गए हुए थे। हादसे के बाद घर में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और ग्रामीणों ने किसी तरह आग बुझाई और गंभीर रूप से झुलसी सुनीता को तत्काल सदर अस्पताल चाईबासा पहुंचाया।
अस्पताल में डॉक्टरों ने बताया कि सुनीता 70 से 80 प्रतिशत तक झुलस चुकी थी। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे जमशेदपुर रेफर किया गया। हालांकि, परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण उसे बाहर ले जाना संभव नहीं हो सका और परिजनों ने सदर अस्पताल में ही इलाज जारी रखने का फैसला किया। कई दिनों तक जिंदगी और मौत से जूझने के बाद गुरुवार तड़के सुनीता ने दम तोड़ दिया।
परिजनों ने बताया कि सुनीता की शादी को अभी महज पांच महीने ही हुए थे। शादी के इतने कम समय में इस तरह की दर्दनाक मौत ने पूरे परिवार को तोड़कर रख दिया है। गांव में मातम पसरा हुआ है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलने के बाद स्थानीय लोगों में भी गहरा दुख और आक्रोश देखा जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा, आर्थिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने की मांग की है। उनका कहना है कि गरीब परिवार के लिए यह क्षति अपूरणीय है और प्रशासन को संवेदनशीलता दिखाते हुए तत्काल सहायता प्रदान करनी चाहिए।
फिलहाल पुलिस द्वारा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
यह हादसा एक बार फिर ठंड के मौसम में अलाव तापने के दौरान बरती जाने वाली सावधानियों की अनदेखी के गंभीर परिणामों की ओर इशारा करता है।














