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‘अवैध’ डीजीपी अनुराग गुप्ता को सीएम हेमंत सोरेन ने दिया आशीर्वाद! वही उनके लिए बन गया भस्मासुर: बाबूलाल मरांडी

On: November 8, 2025 10:22 PM
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रांची: झारखंड के मुख्यमंत्री ने जिस “अवैध डीजीपी” को आशीर्वाद दिया, वही अब उनके लिए “भस्मासुर” बन गया है। उक्त बातें भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने कही। उन्होंने एक्स पर ट्वीट करते हुए कहा कि हेमंत सोरेन फिलहाल भले ही बच गए हों, लेकिन जनता उनकी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। मरांडी ने तंज कसा “आपने सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे वाला फॉर्मूला अपनाया है।”

झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सीधा निशाना साधते हुए राज्य के तत्कालीन पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) अनुराग गुप्ता को लेकर कहा कि झारखंड में ऐसा “भ्रष्ट डीजीपी” पहले कभी नहीं हुआ।

मरांडी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर हेमंत सरकार पर गंभीर सवाल उठाए। मरांडी ने एक वायरल वीडियो का जिक्र करते हुए कहा कि यह वीडियो किसी विरोधी दल का नहीं, बल्कि कांग्रेस के एक पूर्व मंत्री का है, जो हेमंत सरकार का हिस्सा रहा है। उस वीडियो में पूर्व मंत्री ने खुद अनुराग गुप्ता के खिलाफ भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। मरांडी ने कहा कि जब सत्ता पक्ष के लोग ही ऐसे गंभीर आरोप लगा रहे हैं, तो आम जनता क्या सोच रही होगी, इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।

https://x.com/yourBabulal/status/1986995210698817968?t=MHw33a4-dTMe8QMcoNo4hw&s=08

“भस्मासुर” बताकर साधा निशाना
बाबूलाल मरांडी ने अपने पोस्ट में लिखा कि मुख्यमंत्री ने जिस “अवैध डीजीपी” को आशीर्वाद दिया, वही अब उनके लिए “भस्मासुर” बन गया है। उन्होंने कहा कि हेमंत सोरेन फिलहाल भले ही बच गए हों, लेकिन जनता उनकी कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। मरांडी ने तंज कसा “आपने सांप भी मर जाए और लाठी भी न टूटे वाला फॉर्मूला अपनाया है।”
अब जांच बैठाइए मुख्यमंत्री जी”
भाजपा नेता ने कहा कि उन्होंने बार-बार अनुराग गुप्ता के खिलाफ कार्रवाई की मांग की, लेकिन सरकार ने कुछ नहीं किया। मामला कोर्ट तक पहुंचा, फिर भी मुख्यमंत्री ने कोई सख्त कदम नहीं उठाया। उन्होंने कहा कि अब समय है कि मुख्यमंत्री अपने पद की गरिमा बचाने के लिए अनुराग गुप्ता के कार्यकाल की उच्चस्तरीय जांच करवाएं।

“पुलिस अफसरों पर क्यों नहीं होती कार्रवाई?”
मरांडी ने सवाल उठाया कि जब आईएएस अफसरों पर भ्रष्टाचार के मामले में कार्रवाई हो सकती है, तो आईपीएस अफसरों पर क्यों नहीं? उन्होंने कहा कि अगर ईमानदारी से जांच की जाए तो राज्य में कई पुलिस अधिकारियों के भ्रष्टाचार के रिकॉर्ड सामने आ जाएंगे।

“एक बार हिम्मत दिखाइए”
मरांडी ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री के आसपास अभी भी ऐसे लोग हैं, जो उन्हें डर दिखाकर ब्लैकमेल करते रहेंगे। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री जी, एक बार हिम्मत दिखाइए और इस भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ सख्त कदम उठाइए।”

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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