चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड अंतर्गत सेरेंगसिया में आयोजित शहीदों को नमन सह परियोजनाओं के शिलान्यास–उद्घाटन एवं परिसंपत्ति वितरण समारोह में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सेरेंगसिया शहीद स्मारक पहुंचकर अंग्रेजी हुकूमत के खिलाफ महासंग्राम में शहादत देने वाले अमर वीरों को श्रद्धासुमन अर्पित किए।
मुख्यमंत्री ने शहीद स्मारक पर माल्यार्पण किया, पुष्पांजलि अर्पित की और एक मिनट का मौन रखकर शहीदों के सर्वोच्च बलिदान को नमन किया। उन्होंने कहा कि सेरेंगसिया की धरती संघर्ष, साहस और आत्मसम्मान की जीवंत मिसाल है।

शहीदों का बलिदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा : मुख्यमंत्री
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि यहां के वीरों ने अपनी पहचान, संस्कृति और अधिकारों की रक्षा के लिए हंसते-हंसते अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह बलिदान कभी भुलाया नहीं जा सकता और आने वाली पीढ़ियों को हमेशा प्रेरणा देता रहेगा।
उन्होंने कहा कि आदिवासी समाज ने झारखंड की संस्कृति, परंपरा और आत्मसम्मान को बचाए रखने में ऐतिहासिक भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री ने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार शहीद स्थलों के संरक्षण, संवर्धन और विकास के लिए लगातार काम कर रही है, ताकि इन ऐतिहासिक स्थलों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिल सके।
विकास योजनाओं का उद्घाटन-शिलान्यास, युवाओं को नियुक्ति पत्र
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने क्षेत्र में कई विकास योजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया। इसके साथ ही विभिन्न विभागों में चयनित 1,479 युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे गए। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का उद्देश्य युवाओं को रोजगार देकर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है।

सीएम ने बताया कि ‘सरकार आपके द्वार’ कार्यक्रम के तहत गांव-गांव जाकर लोगों की समस्याओं का समाधान किया जा रहा है, ताकि शासन सीधे जनता तक पहुंचे।
मंईयां सम्मान योजना से महिलाओं को मिल रहा लाभ
मुख्यमंत्री ने कहा कि मंईयां सम्मान योजना के तहत राज्य की हजारों महिलाओं को आर्थिक सहायता दी जा रही है, जिससे वे आत्मनिर्भर बन रही हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि पहले ग्रामीण इलाकों में बिजली की बड़ी समस्या थी, लेकिन अब सरकार ने पुराने बिजली बिल माफ किए हैं और लोगों को 200 यूनिट मुफ्त बिजली उपलब्ध कराई जा रही है।
जनवरी 2026 तक 25–26 हजार नियुक्तियां
सीएम हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड लोक सेवा आयोग (JPSC) के माध्यम से हजारों युवाओं को सरकारी नौकरी दी गई है।ज्ञउन्होंने जानकारी दी कि जनवरी 2026 तक 25,000 से 26,000 नियुक्तियां पूरी कर ली गई हैं, जो राज्य के इतिहास में एक बड़ी उपलब्धि है।
असम में आदिवासियों पर अत्याचार पर जताई चिंता
असम में आदिवासियों पर हो रहे अत्याचारों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि वहां कई आदिवासी गांवों को जलाए जाने की खबरें सामने आई हैं और लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट कहा कि झारखंड का आदिवासी समाज असम में अपने भाइयों-बहनों के साथ मजबूती से खड़ा है और जरूरत पड़ने पर पूरा राज्य उनके समर्थन में आगे आएगा।
बच्चों की शिक्षा पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों को शिक्षा से जोड़ें, क्योंकि शिक्षा ही समाज और राज्य को आगे बढ़ाने का सबसे मजबूत माध्यम है।
स्थानीय लोगों से मिले, अधिकारियों को दिए निर्देश
कार्यक्रम के अंत में मुख्यमंत्री ने स्थानीय लोगों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को त्वरित समाधान के लिए आवश्यक निर्देश दिए।









