बोकारो: जिले में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बोकारो पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस अधीक्षक को मिली गुप्त सूचना के आधार पर चीराचास थाना क्षेत्र के वैष्णवी कॉम्प्लेक्स से सक्रिय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों के सिम कार्ड, करीब 20 हजार रुपये नकद तथा कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद किए हैं।
यह कार्रवाई 11 जनवरी 2026 की रात को की गई। दरअसल, तकनीकी शाखा बोकारो को “प्रतिबिंब ऐप” के माध्यम से साइबर ठगी में प्रयुक्त कुछ संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जानकारी मिली थी। प्रारंभिक जांच और सत्यापन के बाद पुलिस अधीक्षक ने त्वरित कार्रवाई के निर्देश दिए। तकनीकी शाखा द्वारा मोबाइल नंबरों की लोकेशन ट्रेस की गई, जिसके आधार पर पुलिस टीम चीराचास थाना क्षेत्र के वैष्णवी कॉम्प्लेक्स, डी-ब्लॉक, चौथे तल्ले पर स्थित एक फ्लैट तक पहुंची।
रात करीब 10:45 बजे पुलिस ने उक्त फ्लैट में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान फ्लैट के अंदर मौजूद छह युवक मोबाइल फोन के जरिए अलग-अलग लोगों से बातचीत कर साइबर ठगी को अंजाम देते पाए गए। मौके की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सभी को हिरासत में ले लिया और पूछताछ शुरू की।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मिथलेश कुमार झा (35), रोहित आर्यन (30), गुरु कुमार (37), प्रिंस कुमार (26), विकास रविदास (31) और टिंकु कुमार (24) के रूप में हुई है। सभी आरोपी बिहार के विभिन्न जिलों के निवासी बताए जा रहे हैं। प्रारंभिक पूछताछ में यह बात सामने आई है कि आरोपी फर्जी कॉल, लिंक और अन्य माध्यमों से लोगों को झांसे में लेकर ठगी करते थे।
पुलिस के अनुसार, बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड का इस्तेमाल साइबर ठगी के लिए किया जा रहा था। जब्त दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है, जिससे इस गिरोह के नेटवर्क और ठगी के तरीकों का खुलासा हो सके। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों के तार राज्य के बाहर या किसी बड़े साइबर गिरोह से तो नहीं जुड़े हैं।
बोकारो पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल, लिंक या संदेश के झांसे में न आएं और साइबर ठगी से संबंधित किसी भी सूचना की तुरंत पुलिस या साइबर सेल को जानकारी दें। मामले में आगे की जांच जारी है।














