---Advertisement---

ISI की खतरनाक साजिश: जासूसी के लिए बच्चों को बना रहा मोहरा, पठानकोट से 15 साल का लड़का गिरफ्तार

On: January 6, 2026 10:08 AM
---Advertisement---

पठानकोट: पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई (ISI) की भारत विरोधी साजिशें लगातार सामने आ रही हैं। ताजा मामले में आईएसआई ने सुरक्षा एजेंसियों की नजरों से बचने के लिए नाबालिग बच्चों को जासूसी नेटवर्क में शामिल करना शुरू कर दिया है। पंजाब के पठानकोट जिले में पुलिस ने एक 15 वर्षीय किशोर को संवेदनशील सैन्य क्षेत्रों की जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। पकड़े गए नाबालिग को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


एक साल से भेज रहा था संवेदनशील जानकारी


पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किशोर पिछले करीब एक साल से पाकिस्तान में बैठे आईएसआई के हैंडलरों के संपर्क में था। वह भारत से जुड़ी महत्वपूर्ण और संवेदनशील जानकारियां सोशल मीडिया और डिजिटल माध्यमों के जरिए पाकिस्तान भेज रहा था। शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि किशोर सैन्य गतिविधियों और रणनीतिक ठिकानों से जुड़ी सूचनाएं साझा कर रहा था।


पंजाब के अन्य जिलों में भी नाबालिग संपर्क में


मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियां सतर्क हो गई हैं। पुलिस के अनुसार, सिर्फ पठानकोट ही नहीं बल्कि पंजाब के अन्य जिलों में भी कुछ नाबालिग आईएसआई के संपर्क में होने की आशंका है। इसी को ध्यान में रखते हुए राज्य के विभिन्न थानों को अलर्ट कर दिया गया है और संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है।


पैसे और लालच का दिया जा रहा था झांसा


जांच एजेंसियों का मानना है कि आईएसआई जानबूझकर नाबालिग बच्चों का इस्तेमाल कर रही है ताकि सुरक्षा एजेंसियों को शक न हो। इन बच्चों को पैसे, गिफ्ट और अन्य प्रलोभनों का लालच देकर जासूसी नेटवर्क में जोड़ा जा रहा है। यही वजह है कि यह नेटवर्क तेजी से फैलने की कोशिश कर रहा था।


पारिवारिक त्रासदी बनी कमजोरी


पुलिस जांच में एक बेहद संवेदनशील पहलू भी सामने आया है। करीब डेढ़ साल पहले किशोर के पिता की विदेश में मौत हो गई थी, जिसे वह हत्या मान बैठा। इस घटना से वह गहरे सदमे और डिप्रेशन में चला गया। पढ़ाई छूट गई और वह सोशल मीडिया पर भड़काऊ व आपत्तिजनक पोस्ट डालने लगा। इसी मानसिक स्थिति का फायदा उठाकर आईएसआई से जुड़े तत्वों ने उससे संपर्क साधा और धीरे-धीरे उसे जासूसी नेटवर्क में शामिल कर लिया।


मोबाइल की फॉरेंसिक जांच जारी


फिलहाल नाबालिग से गहन पूछताछ की जा रही है। उसके मोबाइल फोन और डिजिटल डिवाइस की फॉरेंसिक जांच जारी है, जिससे उसके संपर्कों और पूरे नेटवर्क की कड़ियों को खंगाला जा सके। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि सोशल मीडिया के माध्यम से अन्य युवकों और नाबालिगों को जोड़ने की कोशिश की गई थी।


पूरी चेन तोड़ने में जुटी पुलिस


पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां इस जासूसी नेटवर्क की पूरी चेन को तोड़ने के लिए अभियान चला रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते नेटवर्क का पर्दाफाश करना बेहद जरूरी है, ताकि देश की सुरक्षा से कोई बड़ा खिलवाड़ न हो सके। जांच आगे बढ़ने के साथ ही इस मामले में और भी चौंकाने वाले खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now