झारखंड वार्ता संवाददाता
गढ़वा: जिले में जंगली हाथियों के बढ़ते प्रकोप से उत्पन्न हाथी-मानव संघर्ष की रोकथाम तथा वनाधिकार अधिनियम से जुड़े मामलों की समीक्षा को लेकर गुरुवार, 15 जनवरी 2026 को समाहरणालय सभागार में एक व्यापक जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी श्री दिनेश यादव ने की।
बैठक में जिले के संवेदनशील एवं प्रभावित क्षेत्रों में हाथी-मानव संघर्ष की वर्तमान स्थिति की विस्तार से समीक्षा की गई। इस दौरान हाथियों के कारण जन-धन की क्षति, फसलों एवं आवासों को हो रहे नुकसान तथा इन समस्याओं के स्थायी और प्रभावी समाधान पर गंभीर मंथन हुआ। उपायुक्त ने हाथियों के सुरक्षित विचरण के लिए आवश्यक व्यवस्थाएँ सुनिश्चित करने, प्रभावित क्षेत्रों में जनजागरूकता अभियान चलाने तथा त्वरित राहत और नियंत्रण उपायों को और मजबूत करने के निर्देश दिए।
इसके साथ ही बैठक में वनाधिकार अधिनियम के तहत प्राप्त आवेदनों की प्रगति की समीक्षा करते हुए लंबित मामलों के शीघ्र निष्पादन पर जोर दिया गया। उपायुक्त ने अनुमंडल एवं जिला स्तरीय वनाधिकार समितियों तथा सभी अंचल अधिकारियों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों को समयबद्ध, पारदर्शी एवं नियमसम्मत तरीके से वनाधिकार पट्टा उपलब्ध कराया जाए।
उपायुक्त श्री यादव ने कहा कि वन एवं मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना प्रशासन की प्राथमिकता है। हाथी-मानव संघर्ष की घटनाओं में कमी लाने के लिए समन्वित प्रयास जरूरी हैं, वहीं वनाधिकार से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक के दौरान संबंधित विभागों के पदाधिकारियों एवं आमंत्रित सदस्यों से सुझाव भी लिए गए, ताकि व्यावहारिक और जनहितकारी निर्णय लिए जा सकें।
बैठक में उत्तरी एवं दक्षिणी वन प्रमंडल पदाधिकारी, अपर समाहर्ता, सभी अनुमंडल पदाधिकारी, जिला कल्याण पदाधिकारी, प्रभारी पदाधिकारी जिला सहायत शाखा, सभी अंचल अधिकारी, जिला वनाधिकार समिति के गैर-सरकारी सदस्य सहित अन्य पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे।
हाथी-मानव संघर्ष रोकने के लिए प्रभावी कार्ययोजना बनाएं : डीसी














