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लोकसभा में उठा आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं की सेवाएं स्थायी करने, मानदेय बढ़ाने की मांग

On: January 29, 2026 4:49 PM
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नई दिल्ली: लोकसभा में बुधवार को पलामू के माननीय सांसद श्री विष्णु दयाल राम ने नियम 377 के तहत आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं से जुड़े एक अत्यंत महत्वपूर्ण और लंबे समय से लंबित मुद्दे को जोरदार तरीके से उठाया। उन्होंने एकीकृत बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) योजना के अंतर्गत कार्यरत आंगनवाड़ी कर्मियों की सेवाओं के नियमितीकरण, मानदेय में यथोचित बढ़ोतरी और उसके समय पर भुगतान की आवश्यकता पर सरकार का ध्यान आकृष्ट कराया।


सांसद विष्णु दयाल राम ने सदन में कहा कि देशभर की आंगनवाड़ी सेविकाएं एवं सहायिकाएं वर्षों से बेहद कम मानदेय पर कार्य कर रही हैं, जबकि उन पर कार्यभार लगातार बढ़ता जा रहा है। इसके बावजूद आज तक उन्हें नियमित कर्मचारी का दर्जा नहीं मिल पाया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि मानदेय में संशोधन के साथ-साथ पेंशन, भविष्य निधि (पीएफ), ग्रेच्युटी और बीमा जैसी बुनियादी सामाजिक सुरक्षा सुविधाएं प्रदान किया जाना समय की मांग है।


उन्होंने यह भी कहा कि आंगनवाड़ी कर्मियों से गैर-आईसीडीएस कार्यों और अत्यधिक प्रशासनिक जिम्मेदारियों का बोझ डाला जा रहा है, जिससे उनके मूल कार्य प्रभावित होते हैं। सांसद ने इन अतिरिक्त दायित्वों को कम कर कार्य दायित्वों के युक्तिकरण की मांग की, ताकि वे अपने मूल उद्देश्य पर बेहतर ढंग से कार्य कर सकें।


सांसद ने आंगनवाड़ी केंद्रों की जमीनी हकीकत की ओर भी ध्यान दिलाया। उन्होंने कहा कि कई केंद्र आज भी बुनियादी ढांचे और आवश्यक सुविधाओं के अभाव में संचालित हो रहे हैं। ऐसे में केंद्रों में आधारभूत संरचना, स्वच्छता, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाएं सुनिश्चित की जानी चाहिए। इसके साथ ही पारदर्शी भर्ती एवं पदोन्नति प्रक्रिया, नियमित प्रशिक्षण तथा कार्यस्थल पर गरिमा और सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी उन्होंने मांग रखी।


श्री राम ने कहा कि आंगनवाड़ी सेविकाएं गर्भवती महिलाओं, धात्री माताओं और बच्चों को पोषण, स्वास्थ्य और प्रारंभिक बाल देखभाल सेवाएं उपलब्ध कराने में अग्रिम पंक्ति की भूमिका निभा रही हैं। विशेष रूप से समाज के कमजोर और वंचित वर्गों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने में उनका योगदान अमूल्य है। ऐसे में इस कार्यबल का सशक्तिकरण और कल्याण आईसीडीएस योजना के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए अनिवार्य है।

अंत में सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा अध्यक्ष के माध्यम से माननीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, भारत सरकार से आग्रह किया कि आंगनवाड़ी सेविकाओं एवं सहायिकाओं से जुड़े इन सभी मुद्दों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करते हुए ठोस और आवश्यक कदम उठाए जाएं, ताकि मातृ एवं शिशु कल्याण सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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