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पुलिस उप महानिरीक्षक ने अफीम की खेती के विरुद्ध लोगों को किया जागरूक

On: February 5, 2025 3:50 AM
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सिल्ली : – पुलिस उपमहानिरीक्षक सह वरीय पुलिस अधीक्षक रांची के निर्देश के आलोक में सभी थाना प्रभारी अफीम खेती के विरुद्ध जोर-जोर से कार्रवाई कर रहे हैं एवं लगातार दिन प्रतिदिन ट्रैक्टर एवं ग्रास कटर के माध्यम से अफीम की खेती पर प्रहार कर रहे हैं। पुलिस प्रशासन अपने स्तर से अपने कार्रवाई में तत्परता दिखाते हुए अफीम की विनष्टीकरण कर लोगों को जागरुक कर रहे हैं। बताते चले की एनडीपीएस की धारा 18 के अंतर्गत अफीम में खेती करना एक दंडनीय अपराध है। रांची जिले के उपायुक्त भी जिले के कई ग्राम पंचायत के मुखिया एवं ग्राम के कई अधिकारियों को अफीम की खेती के विरुद्ध शपथ दिलवाए हैं जिसे एनडीपीएस एक्ट की धारा 47 में यह भी प्रावधान है कि सरकार के प्रत्येक अधिकारी और प्रत्येक पंच, सरपंच, मुखिया एवं पंचायत समिति अफीम की खेती के विरुद्ध अविलंब पुलिस को सूचना दें, उपेक्षा करने पर दंड के भागी होंगे। परंतु ऐसा देखा जाता है कि सरकार और जिला प्रशासन पुलिस पदाधिकारी के कार्रवाई में जन प्रतिनिधियों का साथ अति आवश्यक है तभी जाकर अफीम की खेती की रोकथाम की जा सकती है। ग्रामीण शिक्षा एवं कानून के प्रावधान से अवगत नहीं होने के कारण अल्प लाभ हेतु बहकावे में आकर खेती कर लेते हैं। इस तरह की खेती के रोकथाम हेतु समाज के प्रत्येक इकाई को एक साथ खड़े होकर विरोध करने की आवश्यकता है साथ ही इस तरह की खेती करने वाले तथा बढ़ावा देने वालों को चिन्हित कर प्रशासन को सूचना देकर कड़ी कार्रवाई करने की आवश्यकता है। खैर रांची जिले के पुलिस कप्तान चंदन कुमार सिन्हा एवं उनके टीम जिस तरह अफीम की खेती के विरुद्ध लगातार प्रतिदिन कार्रवाई कर रही है वह सराहनीय है एवं समाज के विभिन्न अंगों ने पुलिस के इस कार्य को सराहनीय बताया। इस तरह के कार्य से यह आश लगाई जा रही है कि निकट भविष्य में इस तरह के बड़े पैमाने पर खेती नहीं होगी साथ ही क्षेत्र में धारा 46 में भू धारक का कर्तव्य है कि उनके खेत के किसी भी खंड में अगर खेती की गई है तो इसकी तत्काल सूचना प्रशासन को दें।

Satyam Jaiswal

सत्यम जायसवाल एक भारतीय पत्रकार हैं, जो झारखंड राज्य के रांची शहर में स्थित "झारखंड वार्ता" नामक मीडिया कंपनी के मालिक हैं। उनके पास प्रबंधन, सार्वजनिक बोलचाल, और कंटेंट क्रिएशन में लगभक एक दशक का अनुभव है। उन्होंने एपीजे इंस्टीट्यूट ऑफ मास कम्युनिकेशन से शिक्षा प्राप्त की है और विभिन्न कंपनियों के लिए वीडियो प्रोड्यूसर, एडिटर, और डायरेक्टर के रूप में कार्य किया है। जिसके बाद उन्होंने झारखंड वार्ता की शुरुआत की थी। "झारखंड वार्ता" झारखंड राज्य से संबंधित समाचार और जानकारी प्रदान करती है, जो राज्य के नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण है।

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