धनबाद: सोनारडीह ओपी क्षेत्र की टांडाबाड़ी बस्ती में उस वक्त दहशत का माहौल काम हो गया।जब मंगलवार की शाम एक ज़बरदस्त धमाका हुआ और देखते ही देखते कई घर ढह गए। जिससे आसपास अफरा-तफरी मच गई. लोग घबराकर घरों से बाहर निकल आए और अपने परिजनों की तलाश में जुट गए। इस दौरान एक ही परिवार के तीन लोगों के लापता होने की खबर है जिनके मलबे में दबे रहने की आशंका जताई जा रही है।
बताया जा रहा है कि सरिता देवी, मनोहर उरांव और गीता कुमारी के मलबे में दबे होने की आशंका जताई जा रही है। धमाका इतना तेज था कि लोगों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और घर अचानक भरभराकर गिर पड़े।
घटना के काफी देर बाद भी जब राहत और बचाव कार्य शुरू नहीं हुआ, तो स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा. ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि समय पर प्रशासन की ओर से कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई, जिससे मलबे में फंसे लोगों की जान पर खतरा बढ़ गया है.
आक्रोशित ग्रामीणों ने सोनारडीह ओपी का घेराव कर विरोध जताया. साथ ही राजगंज–बोकारो मुख्य मार्ग (एनएच-32) को जाम कर दिया, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया. लोगों ने प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए तत्काल रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू करने की मांग की.
घटना की जानकारी मिलते ही बाघमारा विधायक शत्रुघ्न महतो मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया. उन्होंने बीसीसीएल के सीएमडी और धनबाद के उपायुक्त से बातचीत कर तत्काल राहत और बचाव कार्य शुरू करने के निर्देश दिए. साथ ही पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का भरोसा भी दिया.
इस भयावह हादसे के बाद पूरे इलाके में दहशत और मातम का माहौल है. लोग घटना से सहमे हुए हैं और प्रशासन से जल्द राहत कार्य शुरू कर मलबे में दबे लोगों को सुरक्षित निकालने की उम्मीद लगाए बैठे हैं.










