वॉशिंगटन: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की खुलेआम प्रशंसा करते हुए उन्हें “एक महान व्यक्ति” और “एक सच्चा मित्र” बताया है। व्हाइट हाउस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि वे अगले वर्ष 2026 में भारत की यात्रा कर सकते हैं, जो दोनों देशों के बीच व्यापारिक और कूटनीतिक संबंधों को नई दिशा देने वाला कदम साबित हो सकता है।
ट्रंप ने बातचीत के दौरान बताया कि प्रधानमंत्री मोदी के साथ उनकी “बहुत अच्छी बातचीत चल रही है”। उन्होंने कहा, “मोदी मेरे बहुत अच्छे मित्र हैं। वे चाहते हैं कि मैं भारत आऊं… हम इसका हल निकाल लेंगे। मैं भारत जाऊंगा।”
जब उनसे पूछा गया कि क्या भारत यात्रा की कोई ठोस योजना बनी है, तो ट्रंप ने मुस्कुराते हुए जवाब दिया, ‘हां, संभव है।’
व्हाइट हाउस में ‘वजन घटाने की दवाओं’ पर सौदे की घोषणा के दौरान दिया बयान
ट्रंप का यह बयान उस समय आया जब वे वजन घटाने वाली दवाओं की कीमतों में कमी से जुड़ा एक नया सरकारी सौदा घोषित कर रहे थे। उसी दौरान पत्रकारों ने उनसे भारत-अमेरिका संबंधों और प्रधानमंत्री मोदी के साथ संवाद पर सवाल किए।
ट्रंप ने यह भी दावा किया कि भारत ने रूस से ऊर्जा की खरीद में काफी कमी की है, जो अमेरिका की रणनीतिक नीतियों के अनुरूप है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने भारत पर रूस से ऊर्जा आयात पर 25% अतिरिक्त शुल्क और कुल मिलाकर 50% तक टैरिफ लगाने का निर्णय लिया है।
भारत-अमेरिका रिश्तों में नई गर्मजोशी
ट्रंप की यह टिप्पणी उस रिपोर्ट के कुछ महीनों बाद आई है जिसमें द न्यूयॉर्क टाइम्स ने दावा किया था कि ट्रंप का इस वर्ष के अंत में भारत दौरे का कोई निश्चित कार्यक्रम नहीं था। उस समय दोनों देशों के बीच टैरिफ विवाद को लेकर कुछ तनाव की स्थिति बनी थी। हालांकि अब, ट्रंप का यह सकारात्मक बयान दोनों देशों के बीच रिश्तों में नई गर्माहट का संकेत देता है।
भारत की प्रतिक्रिया: “राष्ट्रीय हित सर्वोपरि”
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने ट्रंप की टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि, “भारत के ऊर्जा संबंधी निर्णय हमेशा राष्ट्रीय हितों और उपभोक्ताओं के कल्याण को ध्यान में रखकर लिए जाते हैं।”
MEA ने यह भी स्पष्ट किया कि भारत अपनी ऊर्जा सुरक्षा नीति को किसी बाहरी दबाव के तहत नहीं बल्कि स्वतंत्र और संतुलित विदेश नीति के तहत संचालित करता है।
रिश्तों में नया अध्याय
ट्रंप की संभावित भारत यात्रा को विशेषज्ञ दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और ऊर्जा सहयोग को नई गति देने वाली पहल के रूप में देख रहे हैं। यदि यह दौरा वास्तव में होता है, तो यह न केवल व्यापारिक साझेदारी को गहरा करेगा बल्कि एशिया-प्रशांत क्षेत्र में शक्ति-संतुलन के लिहाज से भी महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।
कूटनीतिक हलकों का मानना है कि मोदी और ट्रंप के बीच की मित्रता दोनों देशों के संबंधों में व्यक्तिगत गर्मजोशी और राजनीतिक व्यावहारिकता का संतुलित मिश्रण पेश करती है।
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