रांची: डीपीएस रांची की प्राचार्या डॉ. जया चौहान के सक्षम एवं प्रेरणादायी नेतृत्व में दिल्ली पब्लिक स्कूल, रांची द्वारा शिक्षण, प्रशासनिक एवं सहायक स्टाफ के लिए द वेव्स इंटरनेशनल रिजॉर्ट, जमशेदपुर में एक यादगार स्टाफ पिकनिक का आयोजन किया गया। इस सुव्यवस्थित एवं भव्य आयोजन का उद्देश्य कर्मचारियों के बीच आपसी सौहार्द, एकजुटता और नवऊर्जा का संचार करना तथा संस्थान के प्रति उनके अथक समर्पण और प्रतिबद्धता को सम्मान देना था।

डीपीएस रांची की 36 वर्षों की गौरवशाली यात्रा में यह पहला अवसर था, जब स्टाफ पिकनिक का आयोजन शहर से बाहर किसी रिसॉर्ट में किया गया, जिसने इसे और भी विशेष बना दिया।
पिकनिक की शुरुआत सूर्य मंदिर में सुबह के नाश्ते के साथ हुई, जहाँ शांत एवं आध्यात्मिक वातावरण में सभी स्टाफ सदस्यों ने दिन की सकारात्मक शुरुआत की। इसके पश्चात समूह जमशेदपुर के लिए रवाना हुआ। द वेव्स इंटरनेशनल रिजॉर्ट का मनोहारी परिवेश और उत्कृष्ट व्यवस्थाएँ विश्राम एवं मनोरंजन के लिए पूर्णतः अनुकूल थीं। अनौपचारिक संवाद, साझा हँसी और सुकून भरे पलों ने कक्षा एवं कार्यालय की सीमाओं से परे आपसी संबंधों को और अधिक प्रगाढ़ किया।

रिसॉर्ट पहुँचने पर स्टाफ सदस्यों का आत्मीय स्वागत किया गया और स्वादिष्ट हाई-टी परोसी गई। इसके बाद विभिन्न मनोरंजक खेलों एवं रोचक गतिविधियों का आयोजन हुआ, जिनमें सभी ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। पूरे वातावरण में टीमवर्क, सहयोग और मैत्रीपूर्ण प्रतिस्पर्धा की भावना स्पष्ट रूप से झलक रही थी।
संध्या होते-होते उत्सव का रंग और गहरा हो गया। ऊर्जावान डीजे नाइट में स्टाफ सदस्यों ने नृत्य कर भरपूर आनंद लिया। दिन का समापन सौहार्दपूर्ण बोनफायर के साथ हुआ, जहाँ आत्मीय संवाद और स्मरणीय क्षण साझा किए गए। वापसी से पूर्व रंगामाटी में सभी ने हाई-टी का आनंद लिया, जिससे यह अनुभव एक सुखद स्मृति के रूप में संजोया गया।
इस अवसर पर प्राचार्या डॉ. जया चौहान ने कहा, ‘डीपीएस रांची में हमारे स्टाफ हमारी सबसे बड़ी ताकत हैं। शिक्षण, प्रशासनिक एवं सहायक स्टाफ द्वारा प्रदर्शित समर्पण, निष्ठा और शांत दृढ़ता ही इस संस्थान की मजबूत नींव है। ऐसे आयोजन केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं होते, बल्कि ये आपसी आत्मीयता और एकजुटता को सुदृढ़ करने का माध्यम होते हैं। जब हम दिनचर्या से कुछ पल विराम लेकर आनंद और चिंतन के क्षण साझा करते हैं, तो हम नई ऊर्जा, प्रेरणा और साझा उद्देश्य के साथ लौटते हैं। एक प्रसन्न, सम्मानित और संगठित टीम ही सकारात्मक कार्यसंस्कृति का निर्माण करती है, जिसका प्रभाव अंततः हमारे विद्यार्थियों और संस्थान के समग्र विकास में दिखाई देता है।’














