गढ़चिरौली: महाराष्ट्र के नक्सल प्रभावित गढ़चिरौली जिले से सुरक्षाबलों और माओवादियों के बीच बड़ी मुठभेड़ की खबर सामने आई है। घने जंगलों में चले इस भीषण एनकाउंटर में सुरक्षाबलों ने तीन नक्सलियों को मार गिराया है, जबकि ऑपरेशन के दौरान C-60 कमांडो का एक जवान वीरगति को प्राप्त हुआ है। एक अन्य जवान घायल हुआ है, जिसकी हालत अब खतरे से बाहर बताई जा रही है।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, खुफिया एजेंसियों से सूचना मिली थी कि गढ़चिरौली के दुर्गम और घने जंगलों में माओवादियों का एक बड़ा कैंप सक्रिय है। इसी इनपुट के आधार पर C-60 कमांडो ने इलाके में सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन शुरू किया। जैसे ही सुरक्षाबल संदिग्ध इलाके में पहुंचे, जंगल में पहले से घात लगाए बैठे नक्सलियों ने अचानक फायरिंग शुरू कर दी।
सुरक्षाबलों ने भी मोर्चा संभालते हुए जवाबी कार्रवाई की। दोनों ओर से कई घंटों तक चली गोलीबारी के बाद नक्सलियों का कैंप पूरी तरह ध्वस्त कर दिया गया। मुठभेड़ समाप्त होने के बाद चलाए गए सर्च ऑपरेशन में कुल तीन माओवादी शव बरामद किए गए हैं, जिनमें दो पुरुष और एक महिला शामिल हैं। फिलहाल मारे गए माओवादियों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।
मुठभेड़ स्थल से सुरक्षा बलों ने एक AK-47 राइफल और एक SLR सहित अन्य आपत्तिजनक सामग्री भी जब्त की है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि नक्सली बड़े हमले की तैयारी में थे।
इस ऑपरेशन के दौरान C-60 कमांडो दीपक चिन्ना मडावी (38 वर्ष) गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वे गढ़चिरौली जिले के आहेरि तालुका के मंद्रा (दामरांचा) गांव के निवासी थे। घायल अवस्था में उन्हें तड़के अबूझमाड़ के जंगल क्षेत्र से एयरलिफ्ट कर भामरागढ़ उप-जिला अस्पताल लाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। जवान की शहादत से पुलिस विभाग और पूरे इलाके में शोक की लहर है।
वहीं, इसी मुठभेड़ में C-60 के एक अन्य जवान जोगा मडावी, निवासी किश्त्यापल्ली, को भी रात के समय गोली लगने से चोट आई थी। उन्हें सुरक्षित बाहर निकालकर एयरलिफ्ट किया गया है। अधिकारियों के मुताबिक उनकी हालत स्थिर है और खतरे से बाहर हैं। उन्हें आगे के इलाज के लिए गढ़चिरौली स्थानांतरित किया जाएगा।
पुलिस प्रशासन ने बताया कि इलाके में अभी भी सर्च ऑपरेशन जारी है, ताकि किसी अन्य माओवादी की मौजूदगी की आशंका को पूरी तरह खत्म किया जा सके। वरिष्ठ अधिकारियों ने जवान की शहादत पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि यह बलिदान व्यर्थ नहीं जाएगा और नक्सलवाद के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा।














