देहरादून: बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने धार्मिक परंपराओं और मंदिरों की पवित्रता बनाए रखने के उद्देश्य से एक अहम फैसला लिया है। चारधाम- केदारनाथ, बद्रीनाथ, गंगोत्री और यमुनोत्री समेत राज्य के कुल 50 प्रमुख मंदिरों में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर जल्द ही प्रतिबंध लगाया जा सकता है। इस संबंध में बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (BKTC), गंगोत्री और यमुनोत्री धाम मंदिर समितियों द्वारा सरकार को भेजे गए प्रस्ताव पर सहमति बन गई है। अब इस प्रस्ताव को औपचारिक रूप देने की तैयारी चल रही है।
मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने इस निर्णय की पुष्टि करते हुए बताया कि यह कदम सनातन परंपराओं के संरक्षण और मंदिरों की धार्मिक मर्यादा को बनाए रखने के लिए उठाया गया है। हालांकि यह प्रतिबंध सिख, जैन और बौद्ध धर्म के अनुयायियों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि इन धर्मों की परंपराएं सनातन संस्कृति से जुड़ी मानी जाती हैं।
चारधाम यात्रा के दौरान हर साल लाखों श्रद्धालु देश-विदेश से उत्तराखंड पहुंचते हैं। मंदिर समितियों का कहना है कि हाल के वर्षों में धार्मिक स्थलों पर मर्यादा उल्लंघन, वीडियो रील्स, अनुचित व्यवहार और परंपराओं की अनदेखी की शिकायतें बढ़ी हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए यह प्रस्ताव तैयार किया गया है। सरकार के स्तर पर इसे लेकर सकारात्मक रुख अपनाया गया है और जल्द ही इस पर अंतिम निर्णय लिया जा सकता है।
बद्रीनाथ धाम के कपाट खुलने की तारीख घोषित
इसी बीच बद्रीनाथ धाम के श्रद्धालुओं के लिए एक और अहम घोषणा की गई है। छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद बद्रीनाथ मंदिर के कपाट 23 अप्रैल 2026 को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए जाएंगे। कपाट खुलने के साथ ही धाम में धार्मिक अनुष्ठान और पूजा-अर्चना का सिलसिला शुरू हो जाएगा।
चार धाम यात्रा 2026 की तैयारियां तेज
केदारनाथ धाम के साथ-साथ छोटा चार धाम यात्रा में शामिल गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिरों के कपाट भी खुलने वाले हैं। दोनों धामों के कपाट अक्षय तृतीया के पावन अवसर पर 19 अप्रैल 2026 को खोले जाएंगे। इसके साथ ही उत्तराखंड में चार धाम यात्रा 2026 की औपचारिक शुरुआत हो जाएगी।
राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन चार धाम यात्रा को लेकर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने में जुटा हुआ है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा, सुविधा और सुचारु दर्शन व्यवस्था को प्राथमिकता दी जा रही है।
श्री बद्रीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अधीन आने वाले जिन मंदिरों में यह प्रतिबंध लागू हो सकता है, उनमें शामिल हैं
केदारनाथ एवं आसपास
श्री केदारनाथ धाम
श्री केदारनाथ मंदिर परिसर के छोटे मंदिर
श्री आदि केदारेश्वर मंदिर
केदारनाथ में माता पार्वती मंदिर
ईशानेश्वर मंदिर
गणेश जी मंदिर
हंसा कुंड
रेतस कुंड
उदक कुंड
शंकराचार्य समाधि / श्री भैरवनाथ मंदिर
बद्रीनाथ क्षेत्र
श्री बद्रीनाथ धाम
श्री बदरीनाथ माता मूर्ति मंदिर
तप्त कुंड
ब्रह्म कपाल शिला व परिक्रमा परिसर
बदरीनाथ पुरी की पंच शिलाएं
बदरीनाथ पुरी की पंच धाराएं
श्री बल्लभाचार्य मंदिर
पंच बदरी व पंच केदार
भविष्यबद्री मंदिर
योग बदरी मंदिर
ध्यानबद्री मंदिर
वृद्ध बदरी मंदिर
श्री तुंगनाथ मंदिर
श्री मध्यमहेश्वर मंदिर
अन्य प्रमुख मंदिर
नरसिंह मंदिर (जोशीमठ)
श्री विश्वनाथ मंदिर व परिसर के छोटे मंदिर
ओंकारेश्वर मंदिर
श्री त्रियुगीनारायण मंदिर
कालीशिला मंदिर
कालीमठ में महाकाली, महालक्ष्मी व महासरस्वती मंदिर
जोशीमठ में दुर्गा मंदिर
नंदप्रयाग, विष्णुप्रयाग, द्वाराहाट, कुलसारी व अल्मोड़ा के लक्ष्मी नारायण मंदिर
उखीमठ में उषा देवी व बाराही देवी मंदिर
इसके अलावा वसुंधारा, वसुंधारा झरने के नीचे धर्मशिला और अन्य धार्मिक स्थलों को भी सूची में शामिल किया गया है।












