---Advertisement---

शर्मनाक! मौत के बाद भी नसीब नही हुई एंबुलेंस, शव को खाट पर रखकर 10 किमी पैदल चले परिजन

On: July 23, 2025 5:42 AM
---Advertisement---

साहिबगंज: झारखंड में स्वास्थ्य सेवाओं के अच्छे दावे लगातार विफल हो रहे हैं। अभी भी मरीजों तक एम्बुलेंस पहुंचाने का सरकार का दावा खोखला साबित हो रहा है। झारखंड में अभी भी कई ऐसे इलाके हैं, जहां स्वास्थ्य सेवा तो दूर अस्पताल आने के लिए एंबुलेंस भी मरीजों को उपलब्ध नहीं हो पाती है। इसकी एक बानगी तब देखने को मिली जब साहिबगंज जिले में बीमार किशोरी को इलाज के लिए परिजन खाट पर लेकर पैदल सदर अस्पताल पहुंचे। परिजनों का आरोप था कि मौत के बाद भी शव ले जाने के लिए अस्पताल से एंबुलेंस नहीं मिली। परिजन शव को खाट पर लेकर 10 किलोमीटर पैदल चलकर घर पहुंचे।

मामला मंडरो प्रखंड के लदौनी पहाड़ गांव का है। जहां मंगलवार को लदौनी पहाड़ गांव निवासी कजरा पहाड़िया के 18 वर्षीय पुत्री बदरी पहाड़िन किसी कारणवश कीटनाशक की दवा खा ली थी। जिसके कारण उनकी हालत गंभीर हो गई तो परिजनों ने उसे साहिबगंज सदर अस्पताल में भर्ती कराया। जहां इलाज के दौरान मंगलवार को सदर अस्पताल में महिला की मौत हो गई। मौत के बाद परिजनों ने एंबुलेंस का इंतजार किया। लेकिन परिजनों को एंबुलेंस नहीं मिल पाया। अस्पताल सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार मृतिका के परिजन एंबुलेंस को लेकर कई बार कॉल किया, लेकिन एम्बुलेंस नहीं आया। घंटों इंतजार के बाद परिजन परेशान व बेबस होकर मृतका को खाट पर घर ले जाने को विवश हो गए। मृतका के परिजन, खाट को डोली बनाकर करीब 10 किलोमीटर की दूरी पैदल तय कर अपने घर पहुंचे।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

Join WhatsApp

Join Now