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फ्लेक्सी कैप फंड्स’ बनी पहली पसंद: बाज़ार में उथल-पुथल के बीच रांची के निवेशकों का भरोसा

On: February 11, 2026 10:00 AM
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रांची: वैश्विक संकेतों में बदलाव और बाज़ार की अस्थिरता के बीच फ्लेक्सी कैप फंड्स रिटेल निवेशकों के लिए सबसे भरोसेमंद विकल्प बन गए हैं। निवेशक अब ऐसे फंड्स को तरजीह दे रहे हैं जो विकास के साथ जोखिम को संतुलित करने में मदद करते हैं।

एएमएफआई के आंकड़ों के मुताबिक, 2025 में फ्लेक्सी कैप फंड्स में रिकॉर्ड 80,978 करोड़ रुपये की नेट इनफ्लो रही। यह स्मॉल-कैप (52,321 करोड़ रुपये) और मिड-कैप (49,939 करोड़ रुपये) फंड्स की तुलना में दोगुना है। दिसंबर 2025 में अकेले महीने में 10,019.27 करोड़ रुपये का निवेश हुआ, जो पिछले महीने से 23 प्रतिशत अधिक है।
टाटा फ्लेक्सी कैप फंड की एसेट्स अंडर मैनेजमेंट 31 दिसंबर 2025 तक लगभग 3,700 करोड़ रुपये पहुंच गई, जो 27.5 प्रतिशत की सालाना वृद्धि दर्शाती है। रांची में जनवरी 2026 में कुल बिक्री 1,46,26,279 रूपये रही, जो पिछले साल की तुलना में 134 प्रतिशत अधिक है।

टाटा एसेट मैनेजमेंट के सीआईओ (इक्विटीज़) राहुल सिंह का कहना है, ‘बाजार हमेशा एक जैसा नहीं रहता। फ्लेक्सी कैप रणनीति हमें बाजार के बदलते हालातों के हिसाब से चलने की आजादी देती है। जब जरूरत होती है, तो हम छोटे लेकिन महंगे शेयरों से निकलकर बड़ी और सुरक्षित कंपनियों में निवेश कर लेते हैं।’
फंड की वर्सेटाइल रणनीति छोटे, मिड और लार्ज-कैप में निवेश कर बाजार चक्रों के अनुसार जोखिम और अवसर का संतुलन बनाती है। एसआईपी के माध्यम से निवेशक निवेश लागत औसत कर सकते हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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