श्रीनगर: जम्मू-कश्मीर से एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां राज्य के पूर्व मुख्यमंत्री फारूक अब्दुल्ला पर एक व्यक्ति ने फायरिंग करने की कोशिश की। हालांकि, समय रहते सुरक्षाकर्मियों की सतर्कता से बड़ा हादसा टल गया और वे बाल-बाल बच गए।
जानकारी के मुताबिक यह घटना जम्मू के ग्रेटर कैलाश इलाके में हुई, जहां फारूक अब्दुल्ला एक वकील के शादी समारोह में शामिल होने पहुंचे थे। इसी दौरान एक युवक अचानक उनके करीब पहुंच गया और उनकी कनपटी के पास पिस्तौल लगा दी। मौके पर मौजूद लोगों और सुरक्षाकर्मियों के मुताबिक आरोपी उस वक्त गोली नहीं चला पाया। बाद में उसने फायरिंग की, लेकिन गोली फारूक अब्दुल्ला को नहीं लगी।
बताया जा रहा है कि उस समय कार्यक्रम में जम्मू-कश्मीर के डिप्टी सीएम सुरिंदर चौधरी भी मौजूद थे। घटना के दौरान अफरा-तफरी मच गई और धक्का-मुक्की में सुरेंद्र चौधरी को हल्की चोटें आईं। उन्हें तुरंत प्राथमिक उपचार दिया गया और फिलहाल उनकी हालत ठीक बताई जा रही है।
घटना के तुरंत बाद सुरक्षा में तैनात जवानों ने आरोपी को दबोच लिया। आरोपी की पहचान कमल सिंह जमवाल (61) के रूप में हुई है। वो जम्मू के पुराने शहर का निवासी है। फिलहाल उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। इस पूरे मामले की जांच गंग्याल थाना पुलिस कर रही है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार शुरुआती जांच में अभी तक किसी आतंकी साजिश का एंगल सामने नहीं आया है। अधिकारी आरोपी की पृष्ठभूमि और घटना के पीछे की मंशा का पता लगाने में जुटे हुए हैं।
इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें दिख रहा है कि फारूक अब्दुल्ला अपने साथियों और सुरक्षाकर्मियों के साथ समारोह में पहुंचे हैं। तभी आरोपी पीछे से आता है और उनके करीब पहुंचकर पिस्तौल कनपटी पर लगा देता है। हालांकि, इससे पहले कि वह गोली चला पाता, सुरक्षाकर्मी तुरंत सक्रिय हो गए और उसे काबू कर लिया।
फिलहाल पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि आरोपी ने इस तरह की हरकत क्यों की और उसके पीछे कोई बड़ी साजिश तो नहीं है।
जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने सोशल मीडिया पोस्ट कर कहा कि अल्लाह रहमदिल है। मेरे पिता फारूख अब्दुल्ला पर फायरिंग की कोशिश हुई, लेकिन वह बाल-बाल बच गए। एक व्यक्ति भरी हुई पिस्तौल के साथ बेहद करीब पहुंच गया था और उसने नजदीक से गोली चलाई। क्लोज प्रोटेक्शन टीम की सतर्कता से गोली का रुख मोड़ दिया गया और हमला नाकाम हो गया। उमर ने सवाल उठाया कि जेड प्लस और एनएसजी सुरक्षा के बावजूद हमलावर इतना करीब कैसे पहुंच गया।














