गिरिडीह: 25 जनवरी को हरलाडीह ओपी क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया था, जहां हरलाडीह ओपी क्षेत्र अंतर्गत उत्तर मेला देखने गईं दो नाबालिग बच्चियों के साथ सामूहिक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया गया। यह घटना 25 जनवरी की रात की बताई जा रही है, जिसने पूरे जिले को झकझोर कर रख दिया है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए विशेष अनुसंधान दल (SIT) का गठन किया। SIT की सघन जांच के बाद पुलिस ने इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि चार विधि-विरुद्ध किशोरों को निरुद्ध किया गया है।
FIR दर्ज होते ही हरकत में आई पुलिस
घटना के बाद हरलाडीह ओपी (खुखरा) में कांड संख्या 02/26 दिनांक 26.01.2026 दर्ज किया गया। यह मामला भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 70(2)/3(5) एवं POCSO एक्ट की धारा 6/10 के तहत दर्ज किया गया।
पुलिस अधीक्षक, गिरिडीह के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, डुमरी के नेतृत्व में SIT का गठन किया गया। साथ ही घटना स्थल पर डॉग स्क्वायड, विधि विज्ञान प्रयोगशाला, रांची एवं तकनीकी टीम को भेजकर साक्ष्य संकलन कराया गया।
SIT की बड़ी सफलता, 4 आरोपी गिरफ्तार
SIT ने मानवीय एवं तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच करते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान इस प्रकार है
राजेश मुर्मू (उम्र करीब 26 वर्ष), पिता- मोहन मुर्मू, ग्राम मंझलाडीह, थाना हरलाडीह ओपी (खुखरा), जिला गिरिडीह
रविलाल टुडू (उम्र करीब 23 वर्ष), पिता- नासीर डुडू, ग्राम मंझलाडीह, थाना हरलाडीह ओपी (खुखरा), जिला गिरिडीह
संजय टुडू (उम्र करीब 21 वर्ष), पिता- सुखदेव डुडू, ग्राम महिग्राम, थाना मनियाडीह, जिला धनबाद
सोहन टुडू (उम्र करीब 23 वर्ष), पिता- जय राम डुडू, ग्राम महिग्राम, थाना मनियाडीह, जिला धनबाद
इसके अलावा इस कांड में संलिप्त 4 विधि-विरुद्ध किशोरों को भी निरुद्ध किया गया है। पुलिस इस घटना में शामिल एक अन्य की तलाश में जुटी है।
पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक अभियुक्त के पास से घटना में पहनी गई जींस पैंट, 7 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिन्हें जांच के लिए जब्त कर लिया गया है।
अब तक जांच में पता चला कि घटना से पहले मेरा में एक पीड़िता का पूर्व प्रेमी मिला था। पीड़िता ने पूर्व प्रेमी को पहचानने से इनकार कर दिया था। चूंकि पूर्व प्रेमी पहले अपने स्कूल के रसोईया के फोन से पीड़िता से बात कर चुका था ऐसे में पुलिस उक्त रसोईया तक पहुंची। यहां से पूर्व का पता चला जो खुद ही नाबालिग था। ऐसे में बाल संरक्षण विभाग की टीम के साथ पुलिस उक्त किशोर तक पहुंची फिर बाल संरक्षण टीम की मौजूदगी में उक्त किशोर से बातचीत की गई, जिसमें यह बात सामने आई की उक्त किशोर ने अपने अपमान का बदला लेने के लिए इस कुकृत्य को अंजाम दिया। बातचीत में यह साफ हुआ कि उसके कहने पर ही 8 युवक एवं किशोर ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया था।
इस पूरे ऑपरेशन में अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, डुमरी के नेतृत्व में गिरिडीह पुलिस की एक बड़ी टीम शामिल रही। छापामारी टीम में पुलिस केंद्र, महिला थाना, मुफस्सिल थाना, पीरटांड़, नगर थाना सहित कई थानों के प्रभारी अधिकारी और तकनीकी शाखा की टीम शामिल थी।
पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है और पीड़ित बच्चियों को न्याय दिलाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है। दोषियों के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।














