गढ़वा: उपायुक्त-सह-जिला दण्डाधिकारी दिनेश यादव ने रंका अनुमंडल के दौरे के क्रम में रंका प्रखंड अंतर्गत संचालित एवं नव-निर्मित धान अधिप्राप्ति केंद्रों, भंडारण स्थलों तथा सहकारिता से जुड़ी आधारभूत संरचनाओं का निरीक्षण कर वस्तुस्थिति की समीक्षा की। उपायुक्त ने बताया कि राज्य सरकार के निर्देशानुसार जिले में 15 दिसंबर 2025 से धान क्रय की प्रक्रिया प्रारंभ होगी, जो आगामी तीन से चार माह तक संचालित रहेगी। इस उद्देश्य से जिले में 50 लैंप एवं पैक्स को पूरी तरह तैयार किया गया है।
दौरे के दौरान उपायुक्त ने सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों पर तैयारियों का जायजा लिया और संबंधित पदाधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों की सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पंजीकरण, तौल, भंडारण एवं भुगतान से जुड़ी सभी व्यवस्थाओं को सुदृढ़ किया जा रहा है।
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि इस वर्ष किसानों को धान का भुगतान एक बार में, एकमुश्त किया जाएगा। राज्य सरकार का यह निर्णय किसानों के हित में है, जिससे पूर्व वर्षों में भुगतान को लेकर होने वाली असुविधाओं से उन्हें राहत मिलेगी। उन्होंने कहा कि सभी कार्य समयबद्ध, पारदर्शी एवं सुचारू रूप से संपन्न कराए जाएंगे, ताकि किसी भी किसान को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
निरीक्षण के क्रम में उपायुक्त ने गढ़वा जिला अंतर्गत कृषि, पशुपालन एवं सहकारिता विभाग के माध्यम से बीरबंधा पंचायत के सोह में निर्माणाधीन 5000 मीट्रिक टन क्षमता के कोल्ड स्टोरेज का भी निरीक्षण किया। उन्होंने भवन निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता प्रेमलाल सिंह को कोल्ड स्टोरेज निर्माण कार्य शीघ्र पूर्ण कराने का निर्देश दिया, ताकि जिले के किसान अपने फल, सब्जी एवं अन्य कृषि उत्पादों का सुरक्षित भंडारण कर सकें।
इसके अलावा बीरबंधा पंचायत में निर्मित 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का निरीक्षण किया गया। निरीक्षण के दौरान पैक्स अध्यक्ष ओमप्रकाश पाल एवं सचिव कैलाश पाल उपस्थित रहे। उन्होंने बताया कि गोदाम के चालू होने से धान अधिप्राप्ति कार्य अधिक प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सकेगा।
उपायुक्त ने रंका प्रखंड अंतर्गत सेवाड़ी पैक्स के नव-निर्मित 500 मीट्रिक टन क्षमता के गोदाम का भी निरीक्षण किया। इस दौरान धान अधिप्राप्ति से संबंधित वजन मशीन, उपकरण एवं अन्य संसाधनों की कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
साथ ही रंका पैक्स में संचालित धान अधिप्राप्ति कार्य का निरीक्षण करते हुए वर्षों से बंद पड़ी मिनी राइस मिल का भी अवलोकन किया गया। इस संबंध में उपायुक्त ने जिला सहकारिता पदाधिकारी को निर्देश दिया कि जिले के अन्य पैक्सों में उपलब्ध मिनी राइस मिलों की स्थिति का प्रतिवेदन प्राप्त कर उन्हें शीघ्र चालू कराने हेतु आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करें।
उपायुक्त ने बताया कि धान अधिप्राप्ति कार्य को सुचारू रूप से संचालित करने के लिए सभी मिलरों के साथ समन्वय बैठक आयोजित की जा चुकी है। साथ ही लैंप/पैक्स एवं संबंधित सरकारी कर्मियों के साथ बैठक कर उन्हें उनके दायित्वों से अवगत कराया गया है।
उन्होंने निर्देश दिया कि सभी पैक्स नियमों एवं दिशा-निर्देशों के अनुरूप धान अधिप्राप्ति कार्य करें। नियमों का पालन नहीं करने वाले पैक्स के केंद्र बंद कर दिए जाएंगे। जिला सहकारिता पदाधिकारी नीलम कुमारी एवं जिला आपूर्ति पदाधिकारी देवानंद राम को नियमित रूप से सभी धान अधिप्राप्ति केंद्रों का निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया।
उपायुक्त दिनेश यादव ने कहा कि जिला प्रशासन किसानों के हितों के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि धान अधिप्राप्ति की पूरी प्रक्रिया सहज, पारदर्शी एवं किसान-हितैषी रहे।
गढ़वा: डीसी ने की धान अधिप्राप्ति और भंडारण व्यवस्था की समीक्षा, 15 दिसंबर से शुरू होगी धान की खरीदारी














