नई दिल्ली: कन्नड़ फिल्म ‘केडी: द डेविल’ के विवादित गाने ‘सरके चुनर’ को लेकर उठा विवाद अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा का विषय बन चुका है। मामला इतना बढ़ गया कि इसकी गूंज संसद तक पहुंच गई। लोकसभा में इस मुद्दे पर चर्चा के दौरान केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्पष्ट किया कि विवादित गाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।
मंत्री ने अपने बयान में कहा कि अभिव्यक्ति की आजादी लोकतंत्र का महत्वपूर्ण हिस्सा है, लेकिन यह पूरी तरह असीमित नहीं हो सकती। उन्होंने जोर देकर कहा कि किसी भी कंटेंट को समाज और संस्कृति के मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। डिजिटल युग में कंटेंट की तेज़ी से फैलती पहुंच का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि सरकार की जिम्मेदारी अब पहले से कहीं ज्यादा बढ़ गई है, खासकर बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों की सुरक्षा को लेकर।
इस गाने में नोरा फतेही और संजय दत्त नजर आए थे। रिलीज के तुरंत बाद ही गाने के बोल और प्रस्तुति को लेकर विवाद खड़ा हो गया। कई सामाजिक संगठनों और दर्शकों ने इसे अत्यधिक अश्लील बताते हुए कड़ी आपत्ति जताई। उनका कहना था कि गाने के दृश्य और लिरिक्स भारतीय सांस्कृतिक मूल्यों के खिलाफ हैं और युवाओं पर नकारात्मक प्रभाव डाल सकते हैं।
विवाद के बढ़ने के साथ ही All Indian Cine Workers Association (AICWA) समेत कई संगठनों ने इस गाने पर रोक लगाने और इसके निर्माताओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। बढ़ते दबाव के बीच गाने को यूट्यूब और अन्य डिजिटल प्लेटफॉर्म्स से हटा दिया गया।
इस मुद्दे पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। बॉलीवुड अभिनेत्री और सांसद कंगना रनौत ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि फिल्म इंडस्ट्री में अश्लीलता की सीमाएं पार हो रही हैं और इस पर सख्त नियंत्रण जरूरी है।
वहीं, विवाद के बीच गाने के गीतकार रकीब आलम ने सफाई देते हुए कहा कि उन्होंने इस गाने को मूल रूप से नहीं लिखा था, बल्कि यह पहले से कन्नड़ भाषा में मौजूद था और उन्होंने केवल उसका हिंदी अनुवाद किया था। उन्होंने यह भी बताया कि विवाद के बाद फिल्म की टीम ने उनसे नए और साफ-सुथरे बोलों के साथ गाने का संशोधित वर्जन तैयार करने को कहा है।













