झांसी: नए साल की पूर्व संध्या पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) की बड़ी कार्रवाई ने जीएसटी विभाग में हड़कंप मचा दिया। झांसी में तैनात CGST की डिप्टी कमिश्नर और 2016 बैच की IRS अधिकारी प्रभा भंडारी सहित कुल पांच लोगों को रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला जीएसटी चोरी की फाइलों को दबाने के बदले करोड़ों की अवैध वसूली से जुड़ा है।
GST चोरी की फाइलें रफा-दफा करने का खेल
CBI के अनुसार, डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी पर आरोप है कि उन्होंने निजी फर्मों को अनुचित लाभ पहुंचाने के बदले करीब ₹1.5 करोड़ की रिश्वत की मांग की थी। यह रकम जीएसटी चोरी (GST Evasion) से जुड़ी फाइलों को निपटाने और कार्रवाई से बचाने के नाम पर मांगी गई।
70 लाख की पहली किस्त लेते रंगे हाथ पकड़े गए सुपरिंटेंडेंट
CBI ने शिकायत के आधार पर जाल बिछाया और जैसे ही ₹70 लाख की पहली किस्त ली जा रही थी, वैसे ही दो अधीक्षकों को रंगे हाथों दबोच लिया गया।
गिरफ्तार किए गए अधिकारी
अनिल तिवारी, सुपरिंटेंडेंट
अजय कुमार शर्मा, सुपरिंटेंडेंट
CBI का कहना है कि यह रकम डिप्टी कमिश्नर प्रभा भंडारी के निर्देश पर ली जा रही थी।
वकील और कारोबारी भी गिरफ्त में
ट्रैप के बाद CBI ने पूरे नेटवर्क पर शिकंजा कसते हुए अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार कर लिया। इनमें राजू मंगतानी, मालिक – मैसर्स जय दुर्गा हार्डवेयर (निजी कारोबारी) और नरेश कुमार गुप्ता, अधिवक्ता (बिचौलिये की भूमिका) इन सभी पर रिश्वतखोरी की साजिश में शामिल होने का आरोप है।
छापेमारी में मिला ‘कुबेर का खजाना’
गिरफ्तारी के बाद CBI ने आरोपियों के कई ठिकानों पर छापेमारी की। अब तक की कार्रवाई में लगभग ₹1.60 करोड़ नकद (ट्रैप राशि सहित), भारी मात्रा में सोने के आभूषण, सोने की ईंटें (बुलियन) और कई अचल संपत्तियों के दस्तावेज बरामद किए गए हैं। CBI के अनुसार छापेमारी अभी जारी है और रिकवरी का आंकड़ा और बढ़ सकता है।
विभाग में मचा हड़कंप, भ्रष्टाचार पर फिर सवाल
इस हाई-प्रोफाइल गिरफ्तारी के बाद CGST और अन्य सरकारी विभागों में हड़कंप मच गया है। मामला एक बार फिर यह सवाल खड़ा करता है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कानूनों के बावजूद रिश्वतखोरी का खेल किस तरह प्रशासन की नाक के नीचे फल-फूल रहा है।
अदालत में पेशी की तैयारी
CBI ने बताया कि सभी आरोपियों को मेडिकल जांच के बाद संबंधित अदालत में पेश किया जाएगा। मामले में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है और आगे की जांच जारी है।














