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हजारीबाग: एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर साइबर ठगी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

On: January 2, 2026 9:41 PM
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हजारीबाग: हजारीबाग पुलिस को साइबर अपराध के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर देशभर में ऑनलाइन ठगी और ब्लैकमेलिंग करने वाले एक संगठित साइबर गिरोह का पर्दाफाश करते हुए पुलिस ने विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र से छह साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरोह फर्जी वेबसाइट और डिजिटल प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अपने जाल में फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था।


गिरफ्तार आरोपियों की पहचान टिंकू रवानी, इंद्रदेव रवानी, कुंदन कुमार, मुन्नू कुमार, सूरज कुमार और सुमित कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले का खुलासा ‘प्रतिबिंब’ एप पर दर्ज शिकायत और उपलब्ध डाटा के विश्लेषण के बाद हुआ। जांच के दौरान यह जानकारी सामने आई कि विष्णुगढ़ थाना क्षेत्र के भेलवारा आसपास एक सक्रिय गिरोह लगातार फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के विज्ञापन पोस्ट कर लोगों को ठग रहा है। संदेहास्पद मोबाइल नंबरों की लोकेशन भी इसी इलाके में ट्रेस की गई थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी विष्णुगढ़ बैद्यनाथ प्रसाद के नेतृत्व में एक विशेष छापामारी दल का गठन किया गया। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने विष्णुगढ़–हजारीबाग मुख्य मार्ग पर स्थित इंटर कॉलेज के समीप देर रात करीब एक बजे एक संदिग्ध कार को रोका। कार में सवार छह युवकों की गतिविधियां संदिग्ध पाई गईं, जिसके बाद सभी को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई।


पूछताछ के दौरान सभी आरोपियों के साइबर ठगी गिरोह से जुड़े होने की पुष्टि हुई। पुलिस ने इनके पास से एक कार, 12 मोबाइल फोन, 23 सिम कार्ड, 10 डेबिट कार्ड समेत कई अहम डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी अलग-अलग नाम और फर्जी पहचान का इस्तेमाल कर कई बैंक अकाउंट और सोशल मीडिया प्रोफाइल चला रहे थे, ताकि उनकी असली पहचान छिपी रहे और ठगी को अंजाम देना आसान हो सके।


पुलिस का कहना है कि यह गिरोह ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर आकर्षक विज्ञापन डालकर लोगों से संपर्क करता था। इसके बाद डिजिटल पेमेंट के जरिए पैसे ऐंठे जाते थे और कई मामलों में पीड़ितों को ब्लैकमेल भी किया जाता था। फिलहाल सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


हजारीबाग पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क को खंगालने में जुटी है। यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी किन-किन राज्यों में सक्रिय थे, किस तरीके से लोगों को फंसाया जाता था और अब तक कितने लोग इनके शिकार बन चुके हैं। पुलिस ने आम लोगों से भी अपील की है कि किसी भी संदिग्ध ऑनलाइन विज्ञापन या लिंक से सावधान रहें और ऐसी किसी भी गतिविधि की तुरंत पुलिस को सूचना दें।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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