इस्लामाबाद: ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी संघर्ष लगातार गहराता जा रहा है। पिछले कुछ हफ्तों में सैन्य कार्रवाई और जवाबी हमलों के चलते हालात और अधिक अस्थिर हो गए हैं। इस बीच पाकिस्तान के पूर्व उच्चायुक्त अब्दुल बासित के एक बयान ने भारत सहित पूरे दक्षिण एशिया की सुरक्षा को लेकर नई चिंताएं खड़ी कर दी हैं।
2014 से 2017 तक नई दिल्ली में पाकिस्तान के शीर्ष राजनयिक रह चुके बासित ने एक टेलीविजन चर्चा के दौरान काल्पनिक ‘सबसे खराब स्थिति’ (Worst-case scenario) का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि यदि पाकिस्तान को अमेरिका या इजरायल से अस्तित्वगत सैन्य खतरा होता है, तो भारत एक ‘डिफॉल्ट टारगेट बन सकता है।
बासित के अनुसार, यदि ऐसी स्थिति बनती है जिसमें अमेरिका पाकिस्तान के परमाणु कार्यक्रम को निशाना बनाता है और पाकिस्तान सीधे जवाब देने में असमर्थ रहता है तो विकल्प के तौर पर भारत पर हमला किया जा सकता है।
बासित ने अपने बयान में यहां तक कहा कि अगर हालात चरम पर पहुंचते हैं, तो पाकिस्तान मुंबई और नई दिल्ली जैसे शहरों को निशाना बना सकता है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ऐसी स्थिति में परिणामों की चिंता बाद में की जाएगी।
टॉप इंटेलिजेंस सूत्रों के मुताबिक, अब्दुल बासित का बयान उनकी निजी राय नहीं बल्कि पाकिस्तानी सेना और ‘इस्टैब्लिशमेंट’ की लाइन पर आधारित है। माना जा रहा है कि उन्हें उसी सोच के तहत बोलने के लिए तैयार किया गया है। चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तान की शिक्षित वर्ग भी अब जिहादी नैरेटिव अपना रही है और भारत को एक ‘प्रॉक्सी थिएटर’ के रूप में देख रही है।













