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अग्निवीरों की अग्निपरीक्षा! परमानेंट बनने की रेस में रहना है तो शादी से करना होगा तौबा, सेना ने जारी किए सख्त नियम

On: January 5, 2026 8:52 PM
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Indian Army Agniveer Rules: भारतीय सेना की अग्निवीर योजना को लेकर लंबे समय से चल रही अटकलों पर अब विराम लग गया है। वर्ष 2022 में शुरू हुई इस योजना का पहला बैच वर्ष 2026 में अपनी चार साल की सेवा अवधि पूरी करने जा रहा है। इसे लेकर हजारों अग्निवीरों के भविष्य पर सवाल उठ रहे थे, जिन पर अब सेना ने पूरी स्थिति साफ कर दी है।


सेना ने स्पष्ट किया है कि जून और जुलाई 2026 के दौरान देशभर से 20 हजार से अधिक अग्निवीरों को सेवा अवधि पूरी होने के बाद डिस्चार्ज किया जाएगा। हालांकि, सभी अग्निवीरों की विदाई नहीं होगी। नियमों के तहत करीब 25 प्रतिशत अग्निवीरों को परमानेंट सैनिक बनने का मौका दिया जाएगा।


जून–जुलाई 2026 में होगा डिस्चार्ज


सेना के अनुसार, चार साल की सेवा पूरी करने वाले अग्निवीरों का डिस्चार्ज चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। यह प्रक्रिया जून और जुलाई 2026 में पूरी होगी। इसी दौरान परमानेंट सैनिकों के चयन की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी।


मेरिट के आधार पर होगा परमानेंट चयन


भारतीय सेना ने साफ किया है कि परमानेंट भर्ती की प्रक्रिया पूरी तरह मेरिट आधारित होगी। चयन में किसी भी तरह की ढील नहीं दी जाएगी। अग्निवीरों का मूल्यांकन निम्नलिखित बिंदुओं पर किया जाएगा


चार साल की सेवा अवधि के दौरान समग्र प्रदर्शन
लिखित परीक्षा
मेडिकल फिटनेस
शारीरिक दक्षता
सेवा रिकॉर्ड और अनुशासन


सेना का कहना है कि सिर्फ बेहतर प्रदर्शन ही नहीं, बल्कि आचरण और अनुशासन भी चयन में निर्णायक भूमिका निभाएंगे।


अनुशासन सर्वोच्च प्राथमिकता


सेना ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अनुशासन पर कोई समझौता नहीं किया जाएगा। अगर किसी अग्निवीर का रिकॉर्ड चार साल की सेवा के दौरान अनुशासनहीनता से जुड़ा पाया गया, तो उसे परमानेंट चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा, भले ही उसका प्रदर्शन उत्कृष्ट क्यों न हो।


शादी को लेकर बेहद सख्त नियम


अग्निवीरों की शादी को लेकर सेना ने अपना रुख पूरी तरह स्पष्ट कर दिया है। नियमों के अनुसार अग्निवीर चार साल की सेवा अवधि के दौरान शादी नहीं कर सकतेचार साल पूरे होने के बाद भी तुरंत शादी की अनुमति नहीं होगीजब तक परमानेंट सैनिक बनने की पूरी चयन प्रक्रिया समाप्त नहीं हो जाती, तब तक अविवाहित रहना अनिवार्य होगा

नियम तोड़ने पर सीधा बाहर


सेना ने चेतावनी दी है कि यदि कोई अग्निवीर चयन प्रक्रिया के दौरान शादी करता पाया गया, तो उसे सीधे परमानेंट भर्ती के लिए अयोग्य घोषित कर दिया जाएगा। ऐसे उम्मीदवारों को चयन प्रक्रिया से बाहर कर दिया जाएगा, चाहे उनका सेवा रिकॉर्ड कितना भी अच्छा क्यों न रहा हो।


उम्र और चयन प्रक्रिया का गणित


सेना द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार अग्निवीरों की भर्ती सामान्यतः 21 वर्ष तक की उम्र में होती है। चार साल की सेवा पूरी होने पर उनकी उम्र लगभग 25 वर्ष हो जाती है। इसके बाद परमानेंट चयन प्रक्रिया में 4 से 6 महीने तक का समय लग सकता है। सेना का मानना है कि इस अवधि के दौरान अनुशासन और नियमों का पालन बेहद जरूरी है।


कौन कर सकेगा परमानेंट भर्ती के लिए आवेदन?


सेना ने यह भी स्पष्ट किया है कि परमानेंट सैनिक बनने के लिए वही अग्निवीर आवेदन कर सकेंगे


• जिन्होंने चार साल की सेवा सफलतापूर्वक पूरी की हो


• जिनका सेवा रिकॉर्ड पूरी तरह बेदाग हो


• जिनके खिलाफ अनुशासनहीनता की कोई शिकायत न हो


• जो पूरी सेवा अवधि और चयन प्रक्रिया के दौरान अविवाहित रहे हों


भविष्य को लेकर तस्वीर साफ


भारतीय सेना के इस स्पष्टीकरण के बाद अब अग्निवीरों के भविष्य को लेकर तस्वीर काफी हद तक साफ हो चुकी है। आने वाले समय में यह देखना अहम होगा कि कितने अग्निवीर परमानेंट फौजी बनने में सफल होते हैं और कितने युवा चार साल की सेवा के बाद अपने जीवन की नई दिशा चुनते हैं।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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