सिल्ली: लगातार श्याम नगर क्षेत्र में झाबरी राढू पुल के नीचे बहने वाली राढू नदी क्षेत्र से बालू का अवैध उत्खनन और परिवहन हो रहा है। ज्ञात हो कि यह घाट बालू उत्खनन के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबंधित है बावजूद इसके बालू के अवैध धंधे से बालू माफिया नदी क्षेत्र की पुल के पीलर से 200 मीटर दूरी सटाकर बालू का उत्खनन कर रहे हैं। पुल के पूर्वी दिशा में पीलरसमीप से पांच सौ मीटर के अंदर दायरे तक में बड़े पैमाने पर बालू का उत्खनन किया जा चुका है।परंतु उत्खनन दिन के उजाले में पुल से दिखने के बावजूद खनन विभाग कार्रवाई को लेकर संवेदनहीन बना है। बालू के अवैध कारोबार करने वाले प्रतिदिनशाम से ही प्रतिबंधित घाट से अवैध तरीके से बालू उत्खनन कर सरकार को महीने में लाखों रुपए का चूना लगाया रहा है। साथ ही नदी तल से अत्यधिक बालू के उत्खनन से प्राकृतिक संतुलन पे बुरा असर दिख रहा है। जलीय पौधे का खतरा बढ़ रहा है जिससे जीवों के विलुप्त होने की संभावना बढ़ गई है। मगर इसके रोकथाम की जवाबदेही से प्रशासन को जैसे कोई लेना देना ही नही रह गया है। ऐसे में खनन विभाग की चुप्पी पर अब सवाल खड़ा होने लगा है। नियमानुसार किसी भी नदी के ऊपर बने पुल से पांच सौ मीटर के दायरे तक प्रतिबंधित क्षेत्र निर्धारित है और इस क्षेत्र में बालू उत्खनन पर पूरी तरह से रोक है अगर बालू उत्खनन का कार्य किया जाता है तो यह पूरी तरह से गैर कानूनी है।ग्रामीणों ने कहा कि घाट का अबकी बार बंदोबस्ती नही किया गया है बावजूद धड़ल्ले से खनन जारी है।
बालू का अवैध खनन जारी, पुल को उत्पन्न हो रहा खतरा,खनन विभाग मौन









