LPG e-KYC: देश के सभी घरेलू एलपीजी उपभोक्ताओं के लिए केंद्र सरकार ने आधार आधारित बायोमेट्रिक e-KYC प्रक्रिया को अनिवार्य कर दिया है। उपभोक्ताओं से जल्द से जल्द अपना e-KYC पूरा करने की अपील की गई है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार उपभोक्ता अब अपनी तेल विपणन कंपनियों के मोबाइल ऐप और ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप के जरिए घर बैठे ही यह प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इस कदम का उद्देश्य एलपीजी वितरण प्रणाली को अधिक पारदर्शी बनाना और सब्सिडी का लाभ सही उपभोक्ताओं तक पहुंचाना है।
डिजिटल माध्यम से आसान हुई प्रक्रिया
सरकार ने उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए e-KYC के लिए डिजिटल विकल्प उपलब्ध कराया है। इसके तहत उपभोक्ताओं को अपने स्मार्टफोन में अपनी गैस कंपनी का आधिकारिक ऐप डाउनलोड करना होगा। इसके साथ ही गूगल प्ले स्टोर से ‘Aadhaar FaceRD’ ऐप इंस्टॉल करना जरूरी होगा। इसके बाद गैस कंपनी के ऐप में e-KYC विकल्प चुनकर चेहरे के बायोमेट्रिक सत्यापन के जरिए प्रक्रिया पूरी की जा सकती है।
ऑफलाइन भी उपलब्ध है सुविधा
जो उपभोक्ता स्मार्टफोन या डिजिटल माध्यम का उपयोग नहीं कर पाते हैं, वे अपने नजदीकी एलपीजी वितरक के पास जाकर भी e-KYC करा सकते हैं। वहां उपलब्ध बायोमेट्रिक मशीन के जरिए आधार आधारित सत्यापन किया जाएगा और उपभोक्ता की e-KYC प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए विशेष नियम
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों के लिए यह प्रक्रिया और भी महत्वपूर्ण है। योजना के तहत सब्सिडी का लाभ जारी रखने के लिए लाभार्थियों को हर वर्ष कम से कम एक बार बायोमेट्रिक e-KYC कराना अनिवार्य किया गया है।
e-KYC न होने पर भी सीमित आपूर्ति जारी
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि अगर किसी उपभोक्ता ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तब भी एक वित्तीय वर्ष में सात सिलेंडर रिफिल तक की आपूर्ति जारी रहेगी। हालांकि सात से अधिक रिफिल प्राप्त करने के लिए e-KYC कराना जरूरी होगा।
अंतरराष्ट्रीय हालात का भी असर
सरकार के इस कदम के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों को भी एक कारण माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के कारण स्ट्रेट ऑफ होर्मुज जैसे अहम समुद्री मार्गों से गैस टैंकरों की आवाजाही प्रभावित हुई है। भारत अपनी एलपीजी जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात करता है, इसलिए आपूर्ति को व्यवस्थित बनाए रखने के लिए सरकार ने बुकिंग नियमों और e-KYC प्रक्रिया को सख्ती से लागू करने का फैसला लिया है।
सरकार का मानना है कि इस व्यवस्था से एलपीजी वितरण में पारदर्शिता बढ़ेगी, फर्जी कनेक्शन और कालाबाजारी पर रोक लगेगी और वास्तविक उपभोक्ताओं को समय पर गैस उपलब्ध हो सकेगी।














