ढाका: बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों के खिलाफ हिंसा और अत्याचार की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। बीते 18 दिनों में पांच हिंदुओं की हत्या के बाद अब एक और दिल दहला देने वाला मामला प्रकाश में आया है। इस बार निशाना बनी है झेनैदाह जिले के कालिगंज थाना क्षेत्र की एक हिंदू विधवा महिला, जिसके साथ न केवल सामूहिक दुष्कर्म किया गया बल्कि उसे सार्वजनिक रूप से अपमानित भी किया गया।
मामला कालिगंज के नादिपारा इलाके का बताया जा रहा है, जहां आरोप है कि दो स्थानीय बदमाशों ने 40 वर्षीय विधवा महिला को घर में घुसकर अपनी हवस का शिकार बनाया। इसके बाद आरोपियों ने महिला को पेड़ से बांध दिया, पीटा और जबरन उसके बाल काट दिए और इस पूरी दरिंदगी का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया।
इस अमानवीय घटना के बाद महिला की हालत बिगड़ गई और वह बेहोश हो गई। आसपास के लोगों ने किसी तरह महिला को पेड़ से मुक्त कराया और गंभीर अवस्था में सदर अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। होश में आने के बाद पीड़िता ने कालिगंज थाने में 4 लोगों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी (हसन) को गिरफ्तार किया है और बाकी आरोपियों की तलाश जारी है।
जमीन सौदे के बाद शुरू हुआ उत्पीड़न
पीड़िता ने पुलिस को बताया कि करीब ढाई साल पहले उसने आरोपी शाहीन और उसके भाई से करीब 20 लाख रुपये में तीन डेसिमल जमीन और एक दो मंजिला मकान खरीदा था। जमीन की रजिस्ट्री के बाद से ही शाहीन की नीयत खराब हो गई थी। वह महिला पर लगातार गलत नजर रखता था और कई बार अश्लील हरकतें करने की कोशिश कर चुका था।
महिला का कहना है कि जब उसने आरोपी के प्रस्तावों को ठुकराया तो इसके बाद से उसे मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाने लगा। आए दिन धमकियां दी जाती थीं और तरह-तरह से दबाव बनाया जा रहा था।
रिश्तेदारों की मौजूदगी में वारदात
पीड़िता के अनुसार, शनिवार की शाम उसके घर पर दो रिश्तेदार आए हुए थे। इसी दौरान शाहीन अपने साथी हसन के साथ जबरन घर में घुस आया और इस घिनौनी वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, आक्रोश
इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद इलाके में आक्रोश का माहौल है। मानवाधिकार संगठनों और अल्पसंख्यक समुदाय से जुड़े लोगों ने मामले में सख्त कार्रवाई की मांग की है। वहीं पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
यह घटना एक बार फिर बांग्लादेश में हिंदू अल्पसंख्यकों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। लगातार हो रही हिंसक घटनाओं से समुदाय में भय और असुरक्षा का माहौल गहराता जा रहा है।












