चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले में जंगली हाथियों का आतंक थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार देर रात एक बार फिर हाथी के हमले में एक ही परिवार के तीन लोगों की दर्दनाक मौत हो गई। यह दिल दहला देने वाली घटना गोईलकेरा थाना क्षेत्र के सोवा गांव की है, जहां एक दंतैल हाथी ने आधी रात को झोपड़ी पर हमला कर दिया।
मृतकों की पहचान कुंदरा बहदा, उनकी बेटी कोदमा बहदा और बेटे सामु बहदा के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुंदरा बहदा अपने परिवार के साथ झोपड़ी में सो रहे थे, तभी अचानक एक जंगली हाथी गांव में घुस आया और उनकी झोपड़ी को तहस-नहस कर दिया। हाथी के हमले में तीनों की मौके पर ही मौत हो गई।
हमले के दौरान कुंदरा बहदा की पत्नी किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहीं। वहीं, परिवार की दूसरी बेटी जिंगी बहदा गंभीर रूप से घायल हो गई। उसके सिर में गंभीर चोटें आई हैं। ग्रामीणों की मदद से उसे प्राथमिक उपचार दिया गया, जिसके बाद बेहतर इलाज के लिए राउरकेला रेफर किया गया है। उसकी हालत चिंताजनक बताई जा रही है।
घटना की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। विभाग की ओर से मृतकों के परिजनों को तत्काल राहत के तौर पर 20 हजार रुपये की सहायता राशि दी गई है। साथ ही सरकारी मुआवजा देने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है।
गौरतलब है कि पिछले छह दिनों के भीतर इसी दंतैल हाथी के हमलों में अब तक नौ ग्रामीणों की जान जा चुकी है, जबकि छह अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके बावजूद वन विभाग अब तक हाथी को ट्रैक करने में असफल रहा है। लगातार हो रही घटनाओं से इलाके के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लोग रातभर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं और वन विभाग से हाथी को जल्द से जल्द पकड़ने या जंगल की ओर खदेड़ने की मांग कर रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि अगर समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो हालात और भयावह हो सकते हैं।














