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ट्रंप के टैरिफ वार के बीच हिंदुस्तान की डिप्लोमेसी का जलवा, पुतिन और जेलेंस्की आएंगे भारत

On: August 24, 2025 10:21 AM
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नई दिल्ली: रूस-यूक्रेन युद्ध के बीच अंतरराष्ट्रीय राजनीति में भारत की भूमिका लगातार अहम होती जा रही है। अमेरिका ने हाल ही में भारत पर टैरिफ से जुड़ी कार्रवाई की है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि भारत रूस से लगातार तेल खरीद रहा है, जिसकी वजह से यह युद्ध लंबा खिंच रहा है। इन आरोप-प्रत्यारोपों के बीच रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की संभावित भारत यात्रा की खबरें सामने आई थीं। वहीं अब यूक्रेन की ओर से भी संकेत दिए गए हैं कि राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की जल्द ही भारत की यात्रा कर सकते हैं।

भारत में यूक्रेन के राजदूत अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने शनिवार को एएनआई से बातचीत में कहा कि दोनों देश राष्ट्रपति जेलेंस्की की यात्रा की तारीख और वार्ता के विषय को अंतिम रूप देने की प्रक्रिया में जुटे हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि इस यात्रा का ऐलान जल्द किया जाएगा।

भारत की भूमिका को अहम मानता है यूक्रेन

यूक्रेन ने एक बार फिर भारत से रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने में अधिक सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की है। राजदूत पोलिशचुक ने कहा, “रूस और भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए यूक्रेन भारत को संभावित शांति वार्ताओं में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में देखता है।”

उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस बयान की भी सराहना की जिसमें कहा गया था कि भारत युद्ध में तटस्थ नहीं है, बल्कि शांति, कूटनीति और राजनीतिक संवाद का समर्थन करता है। राजदूत ने उम्मीद जताई कि सितंबर में होने वाले संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) सत्र के दौरान भारत-यूक्रेन वार्ता और मजबूत होगी।

भारत-यूक्रेन संबंधों का इतिहास

अलेक्जेंडर पोलिशचुक ने बताया कि यूक्रेन और भारत के बीच द्विपक्षीय संबंधों का इतिहास गहरा रहा है।

अब तक यूक्रेन के तीन राष्ट्रपतियों ने भारत की आधिकारिक यात्रा की है, जबकि भारत के दो राष्ट्रपतियों ने यूक्रेन का दौरा किया है।

2021 तक, रूस के पूर्ण पैमाने पर आक्रमण से पहले दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 3.4 अरब डॉलर तक पहुंच गया था।

नवंबर 2021 में ग्लासगो में जलवायु शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति जेलेंस्की के बीच पहली महत्वपूर्ण मुलाकात हुई।

मई 2023 से दोनों देशों के बीच नियमित बातचीत और टेलीफोन वार्ता शुरू हुई।

23 अगस्त 2024 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ऐतिहासिक यूक्रेन यात्रा ने दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय जोड़ा।


रणनीतिक साझेदारी की ओर कदम

राजदूत पोलिशचुक ने कहा कि जेलेंस्की की आगामी भारत यात्रा के दौरान रणनीतिक साझेदारी के लिए एक रोडमैप पर हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। वर्तमान में दोनों देशों के विदेश मंत्रालय और राजनयिक मिशन इसी साझा उद्देश्य को पूरा करने के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

शांति प्रक्रिया में भारत की भूमिका

यूक्रेनी राजदूत ने आगे कहा, “हम चाहते हैं कि भारत शांति-निर्माण प्रक्रिया में अधिक भागीदारी करे। रूस और भारत के लंबे समय से चले आ रहे संबंधों को देखते हुए हमें उम्मीद है कि भारत सीधे या परोक्ष रूप से रूस के साथ राजनीतिक बातचीत का हिस्सा बन सकता है।”

इस तरह रूस और यूक्रेन के बीच जारी युद्ध में भारत की भूमिका एक बार फिर वैश्विक सुर्खियों में है। जहां एक ओर भारत रूस के साथ अपने पुराने संबंधों को बनाए हुए है, वहीं दूसरी ओर यूक्रेन उसे एक संभावित मध्यस्थ और शांति स्थापित करने वाले अहम देश के रूप में देख रहा है।

Vishwajeet

मेरा नाम विश्वजीत कुमार है। मैं वर्तमान में झारखंड वार्ता (समाचार संस्था) में कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हूं। समाचार लेखन, फीचर स्टोरी और डिजिटल कंटेंट तैयार करने में मेरी विशेष रुचि है। सटीक, सरल और प्रभावी भाषा में जानकारी प्रस्तुत करना मेरी ताकत है। समाज, राजनीति, खेल और समसामयिक मुद्दों पर लेखन मेरा पसंदीदा क्षेत्र है। मैं हमेशा तथ्यों पर आधारित और पाठकों के लिए उपयोगी सामग्री प्रस्तुत करने का प्रयास करता हूं। नए विषयों को सीखना और उन्हें रचनात्मक अंदाज में पेश करना मेरी कार्यशैली है। पत्रकारिता के माध्यम से समाज में सकारात्मक बदलाव लाने की कोशिश करता हूं।

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