इसराइल ने अपने देश में इमरजेंसी की घोषित, एयरपोर्ट बंद, ईरान ने भी किया एयर स्पेस किया बंद
एजेंसी: ईरान पर इजरायल ने बहुत बड़ा हमला किया है। कई मिसाइलों से प्रीएम्टिव अटैक करने की खबर आ रही है। कथित रूप से इजरायल और अमेरिका दोनों ने मिलकर हमला किया है। ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला खामनेई के दफ्तर के बाहर बमबारी की गई है। रॉकेट से भी हमले की खबर है। इधर दूसरी ओर हमले के बाद इजराइल ने अपना एयर स्पेस बंद कर दिया है। पूरे देश में इमरजेंसी सायरन बज रहे हैं। लोगों को बंद करो में रहने के लिए कहा गया है। तेल अवीव की सभी उड़ाने रद्द कर दी गई है।
इधर इजरायली मीडिया खबर के अनुसार ईरान के राष्ट्रपति पेजिसिकियान पर भी बड़ा हमला किया गया है। बताया जा रहा है कि हमले के बाद राष्ट्रपति को सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है। राष्ट्रपति भवन पर भी हमला किया गया है। खामनेई के घर पर भी हमला किया गया है। ईरान के टॉप लीडरशिप और मंत्री को भी निशाने पर लिया गया है। सरकारी इमारत पर भी निशाना लगाया गया है।
इधर खबर आ रही है कि मोसाद ने कहा है कि सिक्यूर तरीके से हमला किया गया है। ईरान को पुराना गौरव प्राप्त करवाने के लिए हमला किया गया है।
ईरान-इजरायल के बीच तनाव कम होने का नाम नहीं ले रहा है. इजरायल के डिफेंस मिनिस्टर इजराइल कैट्ज ने अनाउंस करते हुए बताया है कि इजराइल ने ईरान के खिलाफ एक प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक शुरू की है.
उन्होंने पूरे देश में एक स्पेशल और इमिडिएट इमरजेंसी की घोषणा कर दी है. उन्होंने कहा, ‘इजराइल स्टेट ने इजराइल स्टेट के खिलाफ खतरों को दूर करने के लिए ईरान के खिलाफ एक प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक शुरू की है.’
आगे कहा है कि इजराइल स्टेट और उसके लोगों के खिलाफ तुरंत मिसाइल और ड्रोन अटैक होने की उम्मीद है. ऐसे में सिविल डिफेंस लॉ के तहत अपने अधिकार के अनुसार, डिफेंस मिनिस्टर इजराइल कैट्ज ने अब इजराइल स्टेट के पूरे इलाके में होम फ्रंट पर एक स्पेशल इमरजेंसी लगाने वाले एक स्पेशल ऑर्डर पर साइन किए हैं. बता दें कि यह धमाका ऐसे समय में हुआ है जब तेहरान के न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बहुत ज्यादा है.
बता दें कि अमेरिका और ईरान ने फरवरी 2026 में अपने लंबे समय से चले आ रहे झगड़े को लेकर बातचीत की शुरुआती की थी. वो एक ऐसे युद्ध से बचना चाहते थे, जिससे मिडिल ईस्ट में बड़ी दिक्कतें पैदा हो सकती थीं. हालांकि, इजराइल इससे पूरी तरह सहमत नहीं था. उसने कहा कि किसी भी समझौते में न कि सिर्फ न्यूक्लियर फ्यूल बनाने के प्रोसेस को रोकना होगा बल्कि ईरान की न्यूक्लियर फैसिलिटी को पूरी तरह खत्म करना होगा.
मिसाइल प्रोग्राम को लिमिट करने वाले नियम पर जोर
इजराइल ने बातचीत में ईरान के मिसाइल प्रोग्राम को लिमिट करने वाले नियम जोड़ने के लिए भी अमेरिका पर दबाव डाला था. फिर ईरान इस बात पर सहमत हो गया था कि अगर अमेरिका आर्थिक पाबंदियां हटाता है तो वह अपने न्यूक्लियर काम की लिमिट पर विचार करेगा. हालांकि, उसने न्यूक्लियर मुद्दे को अपनी मिसाइलों से जोड़ने से इनकार कर दिया था.
ईरान ने चेतावनी देते हुए कहा था कि अगर उस पर हमला हुआ तो वह जवाबी हमला करेगा. तेहरान ने अमेरिकी सैनिकों वाले पड़ोसी देशों से भी कहा कि अगर अमेरिका ने पहले ईरान पर हमला किया तो वह अमेरिकी बेस पर हमला करेगा. फिर जून में हालात और खराब हो गए. अमेरिका ने इजरायल के साथ मिलकर ईरानी न्यूक्लियर साइट्स पर बमबारी की थी.












