जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने दी आर्मी चीफ जनरल उपेंद्र द्विवेदी को दीक्षा, बदले में दक्षिणा में मांग लिया PoK

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चित्रकूट: भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात की और उन से गुरु दीक्षा ली। गुरु रामभद्राचार्य ने दीक्षा देकर उन्हें कहा कि ”गुरु दक्षिणा में मुझे POK चाहिए।” उन्होंने कहा कि ”तुम शस्त्र से लड़ो, मैं शास्त्र से। अब समय आ गया है जब आतंक के अड्डों को पूरी तरह नेस्तनाबूद कर भारत माता का ध्वज पीओके में लहराया जाए।”
बता दें कि भारतीय थल सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी पत्नी सुनीता द्विवेदी के साथ बुधवार को चित्रकूट पहुंचे। यहां पर उन्होंने जगद्गुरु रामभद्राचार्य से मुलाकात की, उनका आशीर्वाद लिया और उनसे गुरु दीक्षा ली। वह दोनों पांच घंटे तक यहां पर रहे। जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने जगद्गुरु रामभद्राचार्य को गदा भेंट किया। सेना प्रमुख ने सद्गुरु नेत्र चिकित्सालय का निरीक्षण किया। सद्गुरु सेवा संघ ट्रस्ट की ओर से आयोजित अभिनंदन समारोह में भी भाग लिया। पद्मश्री डॉ. बीके जैन ने उनका स्वागत किया। उपेंद्र द्विवेदी ने जगद्गुरु को थल सेना का स्मृति चिह्न भेंट किया।
मुझे POK वापस चाहिए
जगद्गुरु रामभद्राचार्य ने थल सेना प्रमुख से कहा कि ”ये सिर्फ सैन्य लड़ाई नहीं है, ये धर्म और राष्ट्र की रक्षा का युद्ध है। यह युद्ध सीमाओं का है नहीं, भारत की आत्मा और अखंडता का भी है। पाकिस्तान अगर आगे कोई आतंकवादी वारदात को अंजाम देता है तो वह नेस्तनाबूद हो जाएगा।” उन्होंने कहा कि ”अब मुझे POK वापस चाहिए…।” उन्होंने बताया कि ”मैंने वही राम मंत्र उन्हें दिया, जो माता सीता ने हनुमान जी को दिया था, जिससे उन्होंने लंका पर विजय प्राप्त की थी। अब मैंने उनसे दक्षिणा में PoK मांगा है।”