जमशेदपुर। जमशेदपुर के बिष्टुपुर स्थित प्रीमियम सैलून एनरोज़ ने इस अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर एक अनोखा अभियान चलाया। 6 मार्च से 14 मार्च 2026 तक चले नौ दिवसीय इस अभियान का नाम था “She earns 24% less. So she paid 24% less”। इसका मतलब था कि महिलाओं को उनके वास्तविक वेतन असमानता के अनुसार 24 प्रतिशत की छूट दी गई।
अभियान की खास बात यह रही कि सैलून ने पूरी पारदर्शिता के साथ वित्तीय आंकड़े सार्वजनिक किए। कुल सेवाओं का मूल्य ₹8,25,896 था, महिलाओं ने वास्तव में ₹6,27,681 का भुगतान किया और कुल छूट ₹1,98,215 (लगभग ₹2 लाख) रही। इस पहल से 224 महिलाएं लाभान्वित हुईं। यह शायद पहली बार था जब जमशेदपुर के किसी व्यावसायिक प्रतिष्ठान ने किसी सामाजिक अभियान के तहत दिए गए वास्तविक लाभ की इतनी स्पष्ट जानकारी साझा की।
एनरोज़ सैलून ने 24 प्रतिशत का आंकड़ा भारत के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के PLFS 2022-23 सर्वेक्षण पर आधारित चुना, जिसमें पाया गया कि भारत में महिला कर्मचारी औसतन पुरुषों की तुलना में 24 प्रतिशत कम वेतन पाती हैं। सैलून प्रबंधन का कहना है कि यह सिर्फ छूट नहीं, बल्कि एक सामाजिक संदेश था, जिससे जेंडर पे गैप की वास्तविकता पर ध्यान दिलाया गया।
जमशेदपुर के लिए यह पहल खास इसलिए है क्योंकि यह शहर औद्योगिक और कॉर्पोरेट कर्मचारियों से भरा है, और यहां की महिलाएं वेतन असमानता की चुनौती से अवगत हैं। सैलून ने यह दिखाया कि स्थानीय व्यवसाय भी राष्ट्रीय मुद्दों पर सकारात्मक संदेश दे सकते हैं।
सैलून के अनुसार ₹1,98,215 किसी विज्ञापन पर खर्च नहीं हुए, बल्कि सीधे उन 224 महिलाओं की जेब में गए। अभियान का उद्देश्य ग्राहकों को आकर्षित करना नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता बढ़ाना और वास्तविक बदलाव की दिशा में कदम उठाना था।
जमशेदपुर:एनरोज़ सैलून ने महिला दिवस पर रचा इतिहास,जेंडर पे गैप पर खुलकर बोला और ₹1,98,215 की छूट दी








