रांची: झारखंड से दिल्ली के बीच चलने वाली महत्वपूर्ण ट्रेन झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस (12873/12874) के परिचालन पर एक बार फिर रोक लगा दी गई है। एक दिसंबर से 28 फरवरी तक इसके संचालन को कोहरे का हवाला देते हुए स्थगित कर दिया गया है। इस निर्णय का व्यापक विरोध हो रहा है और यही मुद्दा लोकसभा में भी जोरदार तरीके से उठा।
सांसद विष्णुदयाल राम ने नियम 373 के तहत उठाया मामला
पलामू के सांसद विष्णु दयाल राम ने लोकसभा में नियम 373 के तहत रेलवे के इस निर्णय का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि हर वर्ष ठंड के मौसम में कोहरे को बहाना बनाकर झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस को रद्द कर दिया जाता है, जबकि इसी रूट पर चलने वाली कई अन्य ट्रेनों का परिचालन पहले की तरह जारी रहता है।
सांसद के मुताबिक, ऐसा प्रतीत होता है कि सर्दी आते ही इस ट्रेन को रद्द करने की परंपरा बना दी गई है। पिछले वर्ष भी यही स्थिति उत्पन्न हुई थी, लेकिन रेलवे मंत्री से मुलाकात के बाद ट्रेन का परिचालन बहाल हुआ था। इस बार फिर से ट्रेन बंद करने का नया नोटिफिकेशन जारी कर दिया गया है, जिससे लाखों यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
गरीबों की ट्रेन और पलामू की लाइफलाइन
झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस रांची-लोहरदगा-लातेहार-पलामू-गढ़वा होकर उत्तर प्रदेश के सोनभद्र तक के यात्रियों के लिए एक प्रमुख ट्रेन है। इसे गरीबों की ट्रेन और पलामू इलाके की लाइफलाइन माना जाता है, क्योंकि दिल्ली जाने के लिए इस रूट पर बेहद सीमित विकल्प उपलब्ध हैं।
यात्रियों का कहना है कि ठंड के मौसम में जब मजदूरों और कामगारों का दिल्ली आना-जाना बढ़ जाता है, उसी समय इस ट्रेन को रद्द कर देना उनके लिए एक बड़ा संकट बन जाता है।
लोकसभा में उठा झारखंड स्वर्ण जयंती एक्सप्रेस का मामला, कोहरे के कारण तीन महीने तक बंद रहेगा ट्रेन का परिचालन











