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झारखंड सरकार वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने ‘अबुआ दिशोम’ नाम से 1,58,560 करोड़ का बजट स्व०शिबू सोरेन को किया समर्पित

On: February 24, 2026 2:55 PM
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केंद्र से बकाया राशि का भी बजट सत्र में मुद्दा उठा

पथ निर्माण विभाग के लिए ₹6,601.28 करोड़ का बजट प्रस्तावित
राज्य में सड़कों और पुलों के जाल को और मजबूत करने की पहल

रांची:झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान वित्तीय वर्ष 2026- 27 के लिए वित्त मंत्री राधा कृष्ण किशोर ने ‘अबुआ दिशोम’ नाम से पांचवें दिन 158560 करोड़ रुपए का बजट सदन में पेश करते हुए इसे दिशोम गुरु स्वर्गीय शिबू सोरेन के नाम समर्पित किया।पिछले वित्तीय वर्ष में सरकार ने 1,45,400 करोड़ रुपये का बजट पेश किया था। उसमें 91,741.53 करोड़ रुपये योजना मद के लिए और 17,073.61 करोड़ रुपये केंद्रीय योजनाओं से जुड़े थे। इस बार सरकार के मुताबिक सामाजिक क्षेत्र पर खास ध्यान देकर आम लोगों को इसका सीधा फायदा पहुंचाने का दावा किया गया।

वित्त मंत्री ने भाषण के दौरान उन्होंने कहा कि आज दिशोम गुरु की कमी साफ महसूस हो रही है। उन्होंने कहा कि यह बजट झारखंडवासियों के चेहरे पर मुस्कान लाने वाला है। गरीबी हटाने, स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करने, ऊर्जा और शिक्षा के विस्तार पर खास प्राथमिकता दी गई है। सरकार का दावा है कि गरीबों, महिलाओं और कमजोर वर्गों के लिए कई ठोस कदम उठाए गए हैं।

मंत्री ने कहा कि बजट में जो प्रावधान किए गए हैं, उनका असर सीधे लोगों की जिंदगी पर दिखेगा।

भाषण के दौरान मंत्री ने केंद्र से बकाया राशि का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि कर हिस्सेदारी के पांच हजार करोड़ और अनुदान के ग्यारह हजार करोड़ रुपये अब तक राज्य को नहीं मिले हैं। उन्होंने यह भी कहा कि जी रामजी योजना से हर साल करीब पांच हजार करोड़ रुपये का अतिरिक्त बोझ राज्य पर पड़ेगा। इसके बावजूद सरकार अपने संसाधनों से विकास कार्य जारी रखेगी।

ग्रामीण बुनियादी ढांचे के विकास के लिए ₹5,081.74 करोड़ आवंटित…

स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े कदम
सरकार ने स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने का ऐलान किया है। पहले चरण में धनबाद, गिरिडीह, जामताड़ा और खूंटी के सदर अस्पतालों को पीपीपी मोड में मेडिकल कॉलेज अस्पताल के रूप में विकसित किया जाएगा। दूसरे चरण में साहिबगंज और सरायकेला के सदर अस्पतालों को भी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल में बदला जाएगा। अगले चार वर्षों में एमबीबीएस सीटों की संख्या दोगुनी करने का लक्ष्य रखा गया है। साथ ही चतरा में डॉक्टर भीमराव अंबेडकर विश्वविद्यालय की स्थापना की घोषणा की गई है।

बजट को सामाजिक सशक्तिकरण समावेशी और लोगों को आत्मनिर्भर बनाने वाला बताया
वित्त मंत्री ने कहा कि किसी के पैरों पर गिरकर कुछ पाने से बेहतर है अपने पैरों पर चलकर कामयाबी हासिल करना। उन्होंने दोहराया कि यह बजट गरीबों के आंसू पोंछने वाला है और राज्य को मजबूत आधार देने की दिशा में उठाया गया कदम है। सरकार का मानना है कि यह बजट सामाजिक सशक्तिकरण और समावेशी विकास को आगे बढ़ाएगा। अब देखना होगा कि बजट के ये वादे जमीन पर कितनी तेजी से उतरते हैं।

Satish Sinha

मैं सतीश सिन्हा, बीते 38 वर्षों से सक्रिय पत्रकारिता के क्षेत्र से जुड़ा हूँ। इस दौरान मैंने कई अखबारों और समाचार चैनलों में रिपोर्टर के रूप में कार्य करते हुए न केवल खबरों को पाठकों और दर्शकों तक पहुँचाने का कार्य किया, बल्कि समाज की समस्याओं, आम जनता की आवाज़ और प्रशासनिक व्यवस्थाओं की वास्तविक तस्वीर को इमानदारी से उजागर करने का प्रयास भी निरंतर करता रहा हूँ। पिछले तकरीबन 6 वर्षों से मैं 'झारखंड वार्ता' से जुड़ा हूँ और क्षेत्रीय से जिले की हर छोटी-बड़ी घटनाओं की सटीक व निष्पक्ष रिपोर्टिंग के माध्यम से पत्रकारिता को नई ऊँचाइयों तक ले जाने का प्रयास कर रहा हूँ।

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