रांची: झारखंड में होने वाले नगर निकाय चुनाव इस बार इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (EVM) की जगह बैलेट पेपर के माध्यम से कराए जाएंगे। राज्य निर्वाचन आयोग ने चुनाव प्रक्रिया को लेकर तैयारियां तेज कर दी हैं। आयोग के निर्णय के अनुसार मतदाता एक ही बैलेट बॉक्स में वार्ड पार्षद और मेयर दोनों पदों के लिए मतदान करेंगे, हालांकि सुविधा और पारदर्शिता के लिए दोनों पदों के बैलेट पेपर अलग-अलग रंगों में उपलब्ध कराए जाएंगे।
राज्य निर्वाचन आयोग के अधिकारियों के अनुसार, अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर से मतदान और बाद में मतगणना की प्रक्रिया को सरल बनाने में मदद मिलेगी। हालांकि, एक ही बैलेट बॉक्स में दो पदों के वोट डाले जाने के कारण मतगणना में अधिक समय लगने की संभावना जताई जा रही है।
16 जनवरी को होगा एक दिवसीय प्रशिक्षण
नगर निकाय चुनाव को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए राज्य निर्वाचन आयोग कार्यालय में 16 जनवरी को एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। इस प्रशिक्षण में चुनाव से जुड़े अधिकारियों और कर्मियों को मतदान प्रक्रिया, बैलेट पेपर के उपयोग, मतगणना और नियमों के अनुसार चुनाव संचालन की विस्तृत जानकारी दी जाएगी। यह प्रशिक्षण दिनभर चलेगा।
चुनाव चिन्ह को लेकर निर्देश जारी
राज्य निर्वाचन आयोग ने सभी जिलों को 50-50 चुनाव चिन्ह जारी कर दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि नामांकन प्रक्रिया पूरी होने के बाद प्रत्याशियों को चुनाव चिन्ह आवंटित किए जाएंगे, ताकि चुनाव प्रक्रिया में किसी प्रकार की भ्रम या अव्यवस्था न हो।
मतगणना में लग सकता है अधिक समय
आयोग के फैसले के तहत जब मतगणना शुरू होगी, तो सभी बैलेट बॉक्स से पार्षद और मेयर पद के बैलेट पेपर को पहले अलग-अलग किया जाएगा। अलग-अलग रंगों के बैलेट पेपर होने से छंटनी में सहूलियत जरूर होगी, लेकिन इसके बावजूद स्वाभाविक रूप से काउंटिंग प्रक्रिया में देरी होगी। इसका असर चुनाव परिणामों की घोषणा पर भी पड़ सकता है और नतीजे आने में अपेक्षाकृत अधिक समय लग सकता है।
महीने के अंत तक चुनाव की घोषणा संभव
राज्य निर्वाचन आयोग के सूत्रों के अनुसार, प्रशिक्षण कार्यक्रम पूरा होने के बाद नगर निकाय चुनाव की अधिसूचना इस महीने के अंत तक जारी होने की संभावना है। इसके साथ ही झारखंड में शहरी सरकार के गठन की दिशा में औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।













